तितली की आत्मकथा Autobiography of butterfly in hindi

Autobiography of butterfly in hindi

दोस्तों आज हम पढ़ेंगे तितली की आत्मकथा पर हमारे द्वारा लिखित यह आर्टिकल। यह एक काल्पनिक आर्टिकल है तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को

Autobiography of butterfly in hindi
Autobiography of butterfly in hindi

मैं एक तितली हूं। मैं बहुत ही खूबसूरत एवं रंग बिरंगी तितली हूं मुझे देखकर बच्चे, बूढ़े, नौजवान सभी खुश हो जाते हैं। आज से कुछ दिन पहले मेरा जन्म हुआ था मैं एक खोल से जन्मी हूं दरअसल एक अंडे से  एक कीट का जन्म होता था  यह कीट कुछ दिनों तक जीवित रहता है और फिर इस कीट के चारों ओर एक खोल सा बन जाता है इस खोल से ही मुझ तितली का जन्म हुआ है। लोग कहते हैं कि मेरा दिमाग बहुत ही तेज होता है मैं जिस जगह पर रहती हूं उस जगह से यदि दूर चली जाऊं तो वापस उस जगह पर आ जाती हूं। जब भी कोई मनुष्य मुझसे हाथ लगाने की कोशिश करें तो मैं तुरंत उड़ कर भाग जाती हूं मुझे तुरंत ही पता लग जाता है।

मुझे मनुष्य की तरह कपड़े पहनने की जरूरत नहीं होती मैं ऐसे ही काफी सुंदर दिखती हूं, मैं हमेशा एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर विचरण करती रहती हूं मैं कई गांवों और शहरों में घूम चुकी हूं। मेरी उड़ने की रफ्तार भी बहुत अच्छी है। मुझे इसलिए खुशी होती है क्योंकि मैं बच्चों को खुश रख पाती हूं जब भी मनुष्य के बच्चे मुझे देखते हैं तो अकस्मात ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। मैं अक्सर कहीं नदी ,नालों, झरना आदि के आसपास भी घूमती रहती हूं और प्रकृति के कई मनमोहक दृश्य देखती हूं। मेरे मुंह में एक लंबी सी जीव भी होती है जिसके जरिए मैं फूलों का रस चूस लेती हूं। मैं कभी भी ठोस खाना नहीं खाती हूं क्योंकि यह मुझे पसंद नहीं। मैं अल्ट्रावायलेट लाइट को देख सकती हूं।

एक बार में किसी घर के पास में विचरण कर रही थी वहीं पास में ही कुछ बच्चे खेल रहे थे जब उन्होंने मुझ तितली को देखा तो वह मेरे थोड़े से पास आए जब मैंने उन्हें देखा तो मुझे बहुत ही खुशी हुई क्योंकि वह बच्चे मुझे देखकर काफी खुश नजर आ रहे थे तभी एक बच्चा मेरे पास आया शायद वह मुझे पकड़ना चाहता था उसने मेरी ओर हाथ बढ़ाया लेकिन मैं तुरंत ही उससे दूर जा भागी। वह कुछ दूर तक मेरे पीछे भी आया लेकिन मैं उसके हाथ ना लगी उन तीनों बच्चों के चेहरे पर मुस्कान थी शायद मैं उस समय बहुत ही सुंदर लग रही थी।

कभी-कभी मुझे अपनी खूबसूरती को देखकर अपने आप पर ही घमंड होने लगता है। मैं हमेशा खुश रहती हूं। फूलों के आसपास घूमना फिरना मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगता है। मैं छोटी सी हूं इसलिए मैं कहीं पर भी अंदर चली जाती हूं। में कभी कभी मनुष्य के घर में भी आ जाती हूं तो मनुष्य काफी खुश नजर आते हैं लेकिन मुझे थोड़ा डर लगता है इसलिए मैं मनुष्य के घर पर ज्यादा नहीं ठेरती और वापस अपने स्थान पर आ जाती हूं।

कई बार जब हम सब तितली एक साथ झुंड में रहते हैं तो ऐसे नजर आते हैं जैसे रंग-बिरंगे फूल खिले हुए हैं, देखने वालों की नजर हम पर हमेशा टिकी रहती हैं, कई लोग हमारी तारीफ करते हैं और हमारे पास नहीं आते वह सोचते हैं कि यदि हम पास गए तो ये प्यारी सी सुंदर सी तितलियां डर के मारे भाग जाएंगी यह सोचकर कई लोग हमारे पास नहीं आते। मुझे काफी खुशी है कि मैं बच्चों, बूढ़ों और नौजवानों सभी के चेहरे पर मुस्कान ला देती हूं।

दोस्तों मेरे द्वारा लिखित तितली की आत्मकथा पर लिखा ये लेख Autobiography of butterfly in hindi यदि आपको पसंद आया हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें धन्यवाद।

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