अनेकता में एकता पर निबंध Anekta mein ekta essay in hindi

Anekta mein ekta essay in hindi

essay on vividhata mein ekta in hindi-हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल अनेकता में एकता पर निबंध आप सभी के लिए बहुत ही हेल्पफुल है. हमारे आज के इस आर्टिकल में हम भारत की अनेकता में भी एकता के बारे में जानेंगे.हमारे द्वारा लिखा आज का निबंध हर किसी के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण निबंध साबित होगा.स्कूल,कॉलेज के विद्यार्थी निबंध इस विषय पर लिखना चाहते हैं तो वह हमारे इस निबंध से जानकारी ले सकते हैं चलिए पढ़ते है हमारे आज के इस आर्टिकल को

Anekta mein ekta essay in hindi
Anekta mein ekta essay in hindi

प्रस्तावना

हमारा देश एक ऐसा देश है जहां पर लोग अपनी मातृभूमि को माता समझते हैं लोग भारत देश से प्रेम करते हैं.हमारे देश में अनेक तरह के लोग रहते हैं जिनमें कई तरह के भेदभाव हैं फिर भी वह मिलजुल कर रहते हैं. स्वतंत्रता के बाद देश में कई बदलाव आए और हमें स्वतंत्रता मिली और हम आजादी के साथ जीने लगे.देश में जब भी कोई आपदा आती है तो हम सभी भारतवासी मिलकर उसका सामना करते हैं वास्तव में पूरा देश अनेकता में भी एकता का ज्ञान कराता है

धर्म और जाति

हमारे देश में अनेक धर्म और जाति के लोग रहते हैं फिर भी इन धर्मों के होते हुए भी हम सभी एक हैं हमारे देश में सबसे ज्यादा हिंदू हैं,मुस्लिम हैं, ईसाई हैं, जैनी है और भी कई तरह के धर्मों के लोग हैं जिनमें कई तरह के भेदभाव होते हैं यह सभी धर्म के लोग एक ही समाज में मिल जुल कर रहते हैं.

देश में अनेक जाति के लोग भी रहते हैं ब्राह्मण,कुशवाहा, रघुवंशी, यादव, बनिया, श्रीवास्तव ऐसी कई जातियां होती हैं लेकिन अलग-अलग जाति होने के बाद भी एक ही जगह,एक ही समाज में, एक ही मोहल्ले में रहते हैं उनमें कोई विशेष भेदभाव नहीं है.

भाषा

हमारे देश में अनेक तरह की भाषा बोली जाती है लेकिन हमारे देश की राष्ट्रीय भाषा और मातृभाषा हिंदी है सबसे ज्यादा लोग हिंदी ही बोलते हैं लेकिन देश में और भी कई तरह की भाषाएं बोली जाती हैं जैसे कि गुजराती, पंजाबी, तमिल, मलयालम, उर्दू और भी कई तरह की भाषाएं देश में बोली जाती हैं लेकिन देश मे अलग अलग भाषाएं होने के बावजूद भी हम सब एक हैं हमारा देश एक है.

ईश्वर

वैसे देखा जाए तो अलग-अलग धर्म के लोग अपने अलग-अलग देशों को मानते हैं.लोगों की मान्यताओं के अनुसार हिंदुओं के भगवान शिव शंकर, पार्वती, विष्णु, ब्रह्मा,गणेश आदि होते हैं वही मुस्लिमों के भगवान को अल्लाह कहते हैं अलग अलग धर्मों के भगवान को अलग अलग नाम से पुकारा जाता है लेकिन वास्तव में भगवान एक ही होता है बस उनके नाम अलग-अलग होते हैं.

अच्छाई और सत्य का नाम ही भगवान होता है जहां पर सत्य और अच्छाई और अच्छे कर्म होते हैं वहां पर भगवान विराजमान होते हैं भगवान का स्थान अलग अलग माना जाता हैं लेकिन भगवान एक ही है उनके रहने का स्थान भले ही मंदिर-मस्जिद यानी अलग-अलग बना दिया गया है लेकिन फिर भी भगवान एक ही माना जाता है.

त्योहार

जैसे की हम सभी जानते हैं की अलग अलग धर्मों में अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं दीपावली,होली, रक्षाबंधन, क्रिसमस, ईद आदि यह सब तो आप लोग किसी अच्छे महान पुरुष या ईश्वर की स्मृति में मनाते हैं लेकिन ऐसा भी होता है की अलग-अलग धर्म के लोग अलग-अलग त्योहारों को भी मनाते हुए देखे जाते हैं वो अनेकता में भी लोग एक होकर मिल जुलकर रहते हैं.

खानपान

हमारे देश में खानपान के तौर पर भी हम लोगों को अलग-अलग कर सकते हैं यहां पर भी लोग अनेकता में एक होकर रहते हैं कोई शाकाहारी होता है और कोई मांसाहारी होता है तरह-तरह के भोजन सामग्री होती है देश में बहुत सारी भिन्नताएं होती हैं लेकिन फिर भी भारत देश एक है.

देश के प्रांत

देश में बहुत सारे प्रांत हैं जैसे की मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि बहुत सारे प्रांत हैं लेकिन पर प्रान्त भले ही अलग-अलग है लेकिन इन प्रांतों में रहने वाले लोगों की जुबान पर एक ही नाम आता है जय हिंद जय भारत.सब लोग अलग-अलग प्रांतों में रहने के बावजूद भी एक जैसे ही होते हैं

वेशभूषा

भारत में अनेक तरह की वेशभूषा पहनी जाती है पुराने लोग जो कुर्ता पजामा,धोती कुर्ता पहनते हैं लेकिन आजकल के नए लोग पेंट शर्ट पहनते हैं.आजकल की लड़कियों,औरतों के पहनावे में भी अंतर है कोई कुर्ती सलवार पहनना पसंद करती हैं तो कोई साड़ी पहनती हैं कुछ लड़कियां नए जमाने के मॉडल कपड़े यानी जींस टी-शर्ट पहनती हैं. वेशभूषा की दृष्टि से देखें तो यह सब अलग-अलग भारतवासी हैं लेकिन भारत देश एक है.

उपसंहार

वास्तव में हम देखें हमारे भारत देश में धर्म जाति, संस्कृति, देश के प्रांत, वेशभूषा, त्योहारों आदि में अनेकता है लेकिन फिर भी अनेकता में भी एकता है सभी जाति धर्म,वेशभूषा वाले लोग मिल जुलकर रहते हैं साथ में मिलकर खुशियां मनाते हैं,समाज में मिलकर एक साथ रहते हैं.लोग अलग-अलग राज्य के निवासी होते हैं लेकिन वो हमेशा राष्ट्र हित के बारे में सोचते है वह भारत भूमि के बारे में सोचते हैं उनके लिए भारत माता ही सबसे बढ़कर है इसलिए हम कह सकते हैं कि देश में अनेकता में भी एकता के दर्शन होते है

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