अडालज बावड़ी का इतिहास Adalaj step well history in hindi

Adalaj step well history in hindi

दोस्तों नमस्कार, आज हम आपके लिए लाए हैं अदालज बावड़ी के इतिहास के बारे में तो चलिए हमारे इस आर्टिकल को आगे पढ़ते हैं

Adalaj step well history in hindi
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गुजरात के अहमदाबाद के एक गांव अडालज में एक बावड़ी स्थित है, इसे इसी गांव के नाम पर रखा गया हैं यानी इस बावड़ी को सभी अडालज बावड़ी कहते हैं। दरअसल सालों पहले अहमदाबाद के इन गांवों में पानी की बहुत समस्या थी। पानी की समस्या को दूर करने के लिए राजाओं ने काफी प्रयत्न किया तभी उनके मन में एक बावड़ी का निर्माण करने का आया और उन्होंने इस बावड़ी का निर्माण करवाया।

इस बावड़ी का निर्माण कराने के बाद उन्होंने कारीगरों को मार दिया था जिससे इस तरह की बावड़ी कोई दोबारा ना बना सके। इस बावड़ी के पास कारीगरों की कब्र भी हैं। इस बावड़ी में बहुत ही ठंडा वातावरण महसूस होता है। बहुत सारे व्यापारी एवं गांव के लोग यहां पर गर्मियों के दिनों में विश्राम भी करते हैं। लोग आज भी यहां से पानी भरते हैं, इस बावड़ी के अंदर कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी देखने को मिलती हैं।

भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमाएं एवं कलश दीवारों पर देखने को मिलते हैं, जो इन दीवारों को और भी ज्यादा सुशोभित कर देते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस बावड़ी का निर्माण हिंदू शासकों एवं मुस्लिम शासकों दोनों ने किया था। अपनी प्रजा की भलाई के लिए राजाओं ने जो बावड़ी का निर्माण किया वह बहुत ही महत्वपूर्ण कदम था।

आज भी लोग जब गुजरात के अहमदाबाद आते हैं तो वे इस बावड़ी को घूमने जाते हैं। आप भी यदि गुजरात के अहमदाबाद में जाएं तो इस गांव में जाकर इस बावड़ी को जरूर देखें, इस बावड़ी के निर्माण के बाद गांव वालों की पानी की समस्या भी खत्म हुई।

इस बावड़ी से संबंधित प्राचीन कथा- राजा वीर सिंह की पत्नी का नाम रुदाबाई था। राजा वीर सिंह अपनी प्रजा की भलाई के लिए एक बावड़ी का निर्माण करना चाहते थे लेकिन कुछ समय बाद ही राजा वीर सिंह के राज्य में मुस्लिम आक्रमणकारियों यानी सुल्तान वाघेला ने आक्रमण कर दिया और इस युद्ध में राजा वीर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। राजा वीर सिंह की पत्नी रानी रूदाबाई काफी सुंदर थी जिस वजह से सुल्तान बघेला उनकी सुंदरता पर मोहित हो गया, उसने रूदाबाई को विवाह का प्रस्ताव भेजा।

इस पर रूदाबाई ने यह कह कर जवाब दिया कि वह अपने पति वीर सिंह की इच्छा को पूरा करना चाहती है यदि तुम इस बावड़ी का निर्माण करो तो मैं तुमसे विवाह कर सकती हु। रुदाभाई के जवाब पर सही समय पर सुल्तान वाघेला ने इस बावड़ी का निर्माण शुरू कर दिया और कुछ ही समय बाद बावड़ी का निर्माण हो गया।

उसके बाद जब रुदाभई और सुल्तान के बीच विवाह का समय आया तो रानी रुदाभाई ने उसी बावड़ी में कूंदकर मौत को गले लगा लिया था और एक संदेश भेज दिया था कि हमारे हिंदुओं में केवल एक ही विवाह होता है इसलिए मैं दूसरी शादी नहीं कर सकती, मैं राजा वीर सिंह की पतिव्रता पत्नी हूं और हमेशा उन्हीं की रहूंगी।

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