संस्कार पर निबंध, कविता व् नारे Sanskar essay, poem, slogan in hindi

sanskar ka mahatva in hindi

दोस्तों कैसे हैं आप सभी, आज हम आपके लिए लाए हैं संस्कार पर हमारे द्वारा लिखित निबंध चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस निबंध को

संस्कार हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण होते हैं, संस्कार मनुष्य को आदर्श बनाते हैं। धर्मो एवं पुराणों में संस्कारों को विशेष महत्व दिया गया है। हम जीवन में जो भी कार्य एवं व्यवहार करते हैं, हम जिस तरह से करते हैं उन्हें ही हम संस्कार कहते हैं। संस्कार हम अपने परिजनों से सीखते हैं, संस्कार सीखकर हम अपने परिवार और समाज में अच्छी तरह से जीवन यापन करते हैं।

sanskar essay in hindi
sanskar essay in hindi

 

मनुष्य और जीव-जंतुओं में यही अंतर है की मनुष्य अपना जो भी कार्य करता है वह संस्कारों के बंधन में बंधकर करता है।संस्कारों की वजह से मनुष्य के कार्य सही तरह से हो पाते हैं और कई लाभ हमे प्राप्त होते है। हमारे समाज में संस्कार इसलिए बनाए गए जिससे हम हमारे देश और समाज में एक अच्छी जिंदगी यापन कर सकें।

हमारे हिंदू धर्म में कई तरह के संस्कार होते हैं जिनमें से कुछ संस्कार हम यहां पर प्रस्तुत करेंगे। जब हमारे परिवार में कोई बच्चा जन्म लेता है तो हम कई तरह के संस्कार करते हैं, एक संस्कार जिसको हम नामकरण भी कहते हैं इस संस्कार में हम बच्चे का नामकरण करते हैं, नाम की वजह से ही उस बच्चे को परिवार और समाज में जाना जाता है। संस्कार काफी महत्वपूर्ण होता है संस्कार के बाद ब्राह्मणों को भोजन भी कराया जाता है, यह संस्कार वास्तव में हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।

निष्क्रमण संस्कार में पहली बार बच्चे को घर से बाहर निकाला जाता है, यह संस्कार लगभग तीसरे या चौथे महीने में होता है। हिंदू समाज में ऐसे संस्कार काफी प्रचलन में है। आज भले ही आधुनिकता के इस दौर में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं लेकिन फिर भी आज संस्कार हमारे समाज में काफी लोग मानते हैं। बच्चा जब बड़ा होता है तो उसके बाल काटे जाते हैं यह भी हमारे समाज में एक संस्कार है जिसको चूड़ाकरण के नाम से जाना जाता है। इस संस्कार को लेकर हमारे समाज में कई तरह की बातें प्रसिद्ध भी हैं।

इसके बाद जब बच्चा शिक्षा प्राप्त करने योग्य हो जाता है तब विद्यारंभ करने का संस्कार आरंभ होता है इस संस्कार में बच्चे को अपनी मातृभाषा का पूरी तरह से ज्ञान कराया जाता है। विद्या आरंभ करने का यह संस्कार प्राचीन काल से अभी तक चला रहा है लेकिन कई तरह के बदलाव आज हमें इस संस्कार में देखने को मिलते हैं।पहले के जमाने में बच्चे गुरु के पास में रहकर भी विद्या ग्रहण करते थे । लगभग 16 साल की उम्र तक वह विद्या ग्रहण संस्कार में रहता हैं लेकिन प्राचीन काल से अभी तक इस संस्कार में भी काफी परिवर्तन आ चुके है।

प्राचीन काल में जब बच्चा शिक्षा प्राप्त करके अपने घर आता था तब भी एक संस्कार होता था। जब वह बच्चा युवक बन जाता है तब विवाह नामक संस्कार होता है, हिंदू समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण संस्कार होता है इस संस्कार में युवक की एक युवती के साथ में विवाह रचाया जाता है, यह दोनों के सहयोग से पूर्ण होता है इस विवाह संस्कार में कई तरह के रीति रिवाज होते हैं इसके बाद युवा युवती अपने जीवन को एक नए ढंग से जीना शुरू कर देते हैं।

मनुष्य के जीवन के अंत में एक संस्कार होता है जिसे हम अंतिम संस्कार कहते हैं जिसमें मनुष्य को भी रीति रिवाजों के अनुसार मृत्यु शैया पर लेटा दिया जाता है और कई तरह के संस्कार किए जाते हैं जिससे वह मनुष्य मोक्ष पा सके।
संस्कारों का महत्व

संस्कार हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, संस्कार ही हमें ज्ञानवान बनाते हैं एवं हमारी आत्मा की शुद्धि करते हैं। मनुष्य का विकास भी संस्कारों के माध्यम से ही होता है संस्कारों के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को एक सुव्यव्यवस्थित तरीके से जी पाता है। मनुष्य समाज में संस्कारों के माध्यम से एक आदर्श भूमिका निभाता है और जीवन में आगे बढ़ता चला जाता है। संस्कारों के बिना मनुष्य पशु के समान व्यवहार करता है।

आज हमारे भारत देश में संस्कारों का काफी महत्व है लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जो इन संस्कारों को नहीं मानते और इनके खिलाफ होते हैं ऐसे लोग जीवन में काफी परेशानियों का सामना करते हैं और जीवन में कुछ खास, कुछ बड़ा नहीं कर पाते क्योंकि वास्तव में संस्कारों की वजह से ही मनुष्य मनुष्य है। संस्कारों के बिना मनुष्य पशु की तरह व्यवहार करने लगता है, हमारे लिए संस्कारों का बड़ा ही महत्व है।

poem on sanskar in hindi

संस्कारो से देश में बदलाव होता है
इस कलयुग में भी देश महान होता है
मनुष्य की धरोहर संस्कार होते हैं
हम सबके लिए संस्कार बड़े जरूरी होते हैं

संस्कारों की डोर को ना तोड़ना तुम कभी
संस्कारों को ना तुम भूलना कभी
संस्कारों से मनुष्य मनुष्य होता है
अच्छाई के साथ वो जीवन में आगे बढ़ता है

संस्कारों से जीवन सुव्यवस्थित चलता है
कई परेशानियों से मनुष्य मुक्त होता है
संस्कारों से देश में बदलाव होता है
इस कलयुग में भी देश महान होता है

slogan on sanskar in hindi

  1. संस्कारों के बंधन में बंधते चलें, जीवन में हम आगे बढ़ते चढ़े
  2. संस्कार जीवन के लिए जरूरी है, हम सबके लिए ये जरूरी है
  3. संस्कारों के बंधन में हम बंधे चलें, हर परिस्थिति का सामना हम करते चलें
  4. संस्कारों से जीवन में सुधार आता है, जीवन में बहुत ही निखार आता है
  5. संस्कार दूर से ही दिख जाते हैं, उनसे हर किसी के जीवन को हम समझ जाते हैं
  6. संस्कारों से इंसान की पहचान होती है इस दुनिया में भारत की शान होती है
  7. भारत देश में संस्कार सबसे बढ़कर हैं, हर किसी के लिए संस्कार सबसे बढ़कर हैं
  8. वैवाहिक संस्कार हर किसी के जीवन में आते हैं, एक दूसरे को बंधन में बांधते जाते हैं
  9. नामकरण संस्कार से बच्चे की पहचान होती है, देश दुनिया में उसकी पहचान होती है
  10. संस्कारों के बगैर जीवन अधूरा है इनके बिना जीवन अधूरा है।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा संस्कारों पर यह आर्टिकल Sanskar essay, poem, slogan in hindi आपको कैसा लगा, यदि आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों में शेयर जरूर करें और हमें कमेंट्स के जरिए बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा धन्यवाद।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *