वकील पर निबंध Essay on lawyer in hindi

Essay on lawyer in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से वकील पर लिखे निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस लेख को पढ़कर वकील पर लिखे निबंध की जानकारी प्राप्त करते हैं ।

आज हम देखते हैं की दुनिया में कितने झगड़े हो रहे हैं ।समाज में कई तरह के आपसी विवाद हो जाते हैं जिन विवादों को सुलझाने में कई तरह की समस्या आ जाती है। अधिक विवाद बढ़ जाने के कारण व्यक्ति अपने विवाद को सुलझाने के लिए न्यायालय में जाता है ।

जब व्यक्ति अपने विवाद को सुलझाने के लिए , न्याय प्राप्त करने के लिए न्यायालय में जाता है तब उसे अपनी ओर से जज के सामने दलीलें प्रस्तुत करने के लिए वकील की आवश्यकता होती है ।

एक वकील के द्वारा ही हमारी ओर से जज के सामने दलीलें प्रस्तुत की जाती हैं  जिन दलीलों के माध्यम से जज साहब न्याय करते हैं । जब वकील हमारी ओर से कोर्ट में केस लड़ता है तब हमको न्याय प्राप्त होता है ।

वकील काले कलर का कोर्ट पहनता है , सफेद शर्ट , ब्लैक पेंट पहनता है । भारतीय न्याय प्रणाली के हिसाब से वकीलों को दो श्रेणी मे विभाजित किया गया है । वरिष्ठ अधिवक्ता और अधिवक्ता ।

वरिष्ठ अधिवक्ता काफी अनुभवी होता है । वह किसी भी तरह की लापरवाही केस लड़ते समय नहीं करता है । काफी अनुभव वरिष्ठ अधिवक्ता को होता है । जब वकील वरिष्ठ अधिवक्ता की श्रेणी में आ जाता है तब वह अपने आप को एक सफल वकील के रूप में देखता है । दूसरी श्रेणी अधिवक्ता की है । वकील बनने के लिए एलएलबी करना होती है । कई तरह की कानूनी किताबें पढ़ने केे बाद बकालात करने की परमिशन मिलती है ।

जब वकील को डिग्री मिल जाती है तब वह वरिष्ठ वकील के पास अनुभव प्राप्त करने के लिए जाता है । धीरे-धीरे वरिष्ठ वकील के साथ काम करके वह अनुभव प्राप्त कर वरिष्ठ वकील की श्रेणी में आ जाता है और हम सभी की ओर से दलील कोर्ट में प्रस्तुत कर हम सभी को न्याय दिलाता है ।

अधिवक्ता हमारी ओर से जो भी सबूत कोर्ट में , न्यायालय में प्रस्तुत करता हैं , सबूतों को जज के समक्ष प्रस्तुत करता है जिसके बाद जज साहब उन सबूतों को देखकर फैसला सुनाते हैं ।

वकील दो तरह के होते हैं सरकारी वकील और प्राइवेट वकील । सरकारी वकील वह वकील होता है जो सरकार की ओर से दलीलें मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत करता है । जब कोई व्यक्ति अपराध करता है तब उस व्यक्ति को पुलिस के माध्यम से गिरफ्तार किया जाता है जिसके  बाद उस अपराधी को सरकारी वकील और पुलिस के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जाता है । अपराधी के विरोध में सरकारी वकील अपनी दलीलें प्रस्तुत करता है ।

प्राइवेट वकील होता है जो हम सभी की ओर से कोर्ट में दलीलें प्रस्तुत करता है ।  एक वकील का कर्तव्य हम सभी को न्याय दिलाना होता है । वकील जब सच्चाई के साथ वकालात करता है और एक सच्चे व्यक्ति को न्याय दिलाता है तब वह एक ईमानदार वकील कहलाता है ।

जब वकील हमारी तरफ से कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दलीलें प्रस्तुत करता है तब मजिस्ट्रेट साहब उन दलीलों को सुनकर , सबूतों को देखकर और उन सबूतों की जांच पड़ताल कर एक न्याय प्रद फैसला सुनाता है जिसके बाद सच्चाई की जीत होती है ।

यही एक सच्चे वकील का कर्तव्य है । एक ईमानदार वकील अपने क्लाइंट को न्याय दिलाने के लिए गैर कानूनी तरीके से कार्य करने से इंकार कर देता है यही ईमानदार वकील का सबसे बड़ा कर्तव्य है । आज की दुनिया में लड़ाई झगड़ों के साथ-साथ कारोबार के लिए भी एक वकील की आवश्यकता होती है क्योंकि व्यवसाय करने के लिए सरकार को समय पर टेक्स भरने की पूरी जानकारी एक बकरी के द्वारा ही दी जाती है ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह सुंदर लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से बताने की कृपा करें धन्यवाद ।

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