लॉकडाउन वरदान या अभिशाप निबंध lockdown abhishap ya vardan par nibandh

lockdown abhishap ya vardan par nibandh

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं लॉकडाउन वरदान या अभिशाप पर मेरे द्वारा लिखित निबंध, आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस निबंध को।

कोरोनावायरस महामारी की वजह से आज पूरी दुनिया एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रही है कोरोनावायरस ने अमेरिका, भारत जैसे देशों में हाहाकार मचा रहा है।सरकार ने इस कोरोनावायरस से लोगों के बचाव के लिए या कोरोनावायरस को नियंत्रित रखने के लिए लॉकडाउन लगाया है जो हम सभी के लिए, हमारे देश के लिए वरदान है या अभिशाप है।

lockdown abhishap ya vardan par nibandh
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यह हम पढ़ेंगे लॉकडाउन यानी घर पर रहना और बिना किसी जरूरी कार्य के घर से बाहर नहीं निकलना है। लॉकडाउन कई देशों में इस कोरोनावायरस की वजह से लगाया जा चुका है लेकिन लॉकडाउन को लगाने के बाद भी कोरोनावायरस ने अपनी रफ्तार कम नहीं की हां ऐसा मान सकते हैं कि लॉकडाउन की वजह से जितनी तेजी से कोरोनावायरस फैलता है उससे थोड़ा कम फैला हो लेकिन लॉकडाउन सरकार कब तक लगाएं।

भारत देश में भी भारत सरकार ने लॉकडाउन में शक्ति भर्ती लेकिन कुछ महीने लॉकडाउन में देश को रखने के बाद भी कोरोना का संक्रमण फैलता गया। इस कोरोनावायरस के समय लॉकडाउन को हम एक वरदान की तरह समझ सकते हैं क्योंकि लॉकडाउन की वजह से जरूर ही कोरोनावायरस थोड़ी कम तेजी से  फैलेगा लेकिन इसका संक्रमण पूरी तरह से खत्म हो सकता है या नहीं यह कहा नहीं जा सकता।

लॉकडाउन को हम वरदान की तरह इसीलिए समझ सकते हैं क्योंकि इसकी वजह से कम लोगों को कोरोनावायरस का संक्रमण होगा और कम लोग अपनी जान को गवााएंगेे। लॉकडाउन लगा हुआ है तब तक सरकार अपनी चिकित्सा सुविधाओं को और भी बेहतर बनाने के लिए तैयारी कर सकती है इसीलिए हम कह सकते हैं कि लॉकडाउन वास्तव में कोरोनावायरस के समय में एक वरदान साबित हुआ है।

आज हम देखें तो भारत में तेजी से कोरोनावायरस फैला है। अमेरिका जैसे देशों की स्वास्थ्य सेवाओं में भारत से कई गुना आगे हैं लेकिन वहां पर भी कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भारत में कोरोनावायरस जब फैला था तब भारत की स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा सक्षम नहीं थी लेकिन कुछ महीनों आप के लॉकडाउन की वजह से भारत सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए अपनी स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी की जिससे भारत का जो रिकवरी रेट है वह अच्छा है। उसके बाद भारत सरकार ने धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलना शुरू कर दिया।

अब हम जानेंगे कि लॉक डाउन किसी भी देश के लिए अभिशाप है या नहीं?

कहते हैं कि किसी भी चीज की अती बहुत बुरी होती है यही लॉकडाउन के बारे में है। भारत सरकार ने कुछ महीनों तक लॉकडाउन में शक्ति दिखाएं उसके बाद धीरे-धीरे लॉकडाउन को खोलना शुरु कर दिया और लॉकडाउन में कई कार्यों को इजाजत दी। पहले जहां लॉकडाउन में बहुत ज्यादा सख्ती थी, लोग अपने कामकाज पर नहीं जा पाते थे, बिना जरूरी घर से बाहर नहीं निकल पाते थे लेकिन धीरे-धीरे सरकार ने लॉकडाउन में लोगों को राहत देना शुरू की ऐसा करना हर एक देश के लिए बहुत अच्छा है।

वास्तव में लॉकडाउन लंबे समय तक रखना देश की अर्थव्यवस्था के लिए खराब है इसलिए भारत सरकार ने यह सोच समझकर बहुत ही अच्छा किया क्योंकि सालों तक लॉकडाउन लगाना एक देश के लिए बहुत ही बुरा है इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा गरीब मजदूर जो रोज कमाते हैं, रोज खाते हैं उनके जीवन पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

कामकाज नहीं चलने पर वास्तव में भुखमरी, गरीबी आ सकती है जिससे लोगों के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है इसलिए लोगों को लंबे समय तक रखना बिल्कुल भी सही नहीं है यह देश के लिए अभिशाप ही होगा लेकिन भारत देश के लिए सबसे अच्छा यह है कि भारत सरकार ने अब देश के लॉकडाउन को धीरे धीरे लॉकडाउन को खोलना शुरू कर दिया है।

इस तरह से हम समझ सकते हैं कि लॉकडाउन कम समय के लिए रखें तो एक वरदान भी हो सकता है लेकिन लंबे समय तक लॉकडाउन रखना एक अभिशाप साबित भी हो सकता है।

अब बात है कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने की। तो भारत सरकार को चाहिए वह लोगों को जागरूक करने की कोशिश करें। जागरूकता अभियान चलाएं, गांव, बाजार, गली, मोहल्लों में प्रचार करें। तो हम ऐसे कोरोनावायरस से बच सकते हैं इसके अलावा भारत सरकार ने जो लोगों के लिए, दुकानदारों के लिए, नौकरी करने वालों के लिए, सभी के लिए जो गाइडलाइन बनाई हैं उनका पालन कराना वहां के प्रशासन की जिम्मेदारी है।

भारत सरकार को गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करवाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए जिससे दुकानदार आम लोग मास्क लगाने की आदत डालें, बार-बार हाथ होने की आदत डालें तभी हम कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं। हम देख रहे हैं कई लोग मास्क लगाते हैं तो बहुत सारे ऐसे लोग तो होते हैं जो तेजी से फैल रहे संकरण में भी मास्क लगाना जरूरी नहीं समझते। सरकार ही अपनी गाइडलाइन को सख्ती से पालन करा के पूर्ण संक्रमण को रोक सकती है।

दोस्तों मेरे द्वारा लिखा यह लॉकडाउन वरदान या अभिशाप निबंध आप अपने दोस्तों में शेयर करना ना भूले और हमें सब्सक्राइब जरूर करें।

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