दो घोड़े story of horse in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों हम जब भी किसी काम को करते हैं तो एकदम से उस काम को बड़ा सोचकर करने की कोशिश करते हैं जिस वजह से हमें लगता है कि शायद ये बहुत मुश्किल है लेकिन अगर हम इस कहानी को पढें तो आप बड़े काम को भी आसानी से कर सकते हैं चलिए पढ़ते हैं हमारी आज की इस कहानी को


दोस्तों काफी समय पहले दो घोड़े the. उनमे से जो छोटा घोडा था अपने पिता को देखकर काफी अचंभित होता था क्योंकि उसके पिता बहुत ही तेजी से दौड़ते थे और उन्होंने बड़ी-बड़ी दीवारों को भी लांग कर बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताएं जीती थी.एक बार वह छोटा घोड़ा अपने पिता को देखकर उस दीवार के पास जाता है जैसे ही वह उस दीवार को लांघने की कोशिश करता है तो वह डर जाता है वह अपने आप में सोचता है कि इस दीवार को लांघना तो मेरे लिए नामुमकिन है मैं यह नहीं कर सकता.

वह अपने पिता से कहता है पिता जी मैंने आपको देखा है की आप अपने मालिक को बड़ी बड़ी रेस में जिता चुके हैं लेकिन मैं जब भी आपकी तरह दौड़ने की कोशिश करता हूं या उस दीवार को लांघने की कोशिश करता हूं तो मुझे यह नामुमकिन लगता है मुझे दुख है मैं कभी भी आपकी तरह नहीं बन पाऊंगा.

अपने पुत्र की बातें सुनकर वह बड़ा घोडा उससे बोला की तू कल से मेरे साथ चल मैं तुझे दीवार लांघना सिखाऊंगा तो अगली सुबह ही वह छोटा घोडा अपने पिता के साथ चल दिया उसके पिता ने पास में ही एक छोटी सी लकड़ी को उसे लांघने को कहा वह छोटा घोडा यह देखकर अपने पिता से कहने लगा पिताजी यह तो बहुत आसान है आप मुझसे ऐसा क्यों करवा रहे हो तो उसके पिता ने कहा कि मैं जो कहता हूं बस तू वह कर.

वह छोटा घोडा छोटी सी लकड़ी को लांघने लगा उसके बाद उसके पिता ने उस घोड़े को थोड़ी सी बड़ी लकड़ी को लांघने को कहा कुछ समय बाद घोडा उस बड़ी-सी लकड़ी को भी लकड़ी को लांघने लगा इस तरह से घोडा अपने पिता के बताए हुए रास्ते पर चलता और हर हफ्ते उस लकड़ी को लांघने के बाद उसको बहुत ही अच्छा लगा.कुछ हफ्तों बाद वह बड़ी-बड़ी लकड़ियों को लांघता.इस तरह से उसे आदत लग चुकी थी,उसे प्रेक्टिस हो चुकी थी

फिर कुछ महीनों के बाद उस घोड़े ने अपने लड़के से कहा की तू आज इस बड़ी दीवार को लांघ तो उस घोड़े ने आसानी से उस दीवार को लांघ दिया जबकि वह कुछ महीनों पहले इस दीवार को लांघना नामुमकिन समझ रहा था लेकिन अपने पिता के बताए हुए रास्ते पर चलकर उसने इस कार्य को कर दिया.वह छोटा घोड़ा बहुत ही खुश हुआ और बह अपने पिता की तरह बहुत सी प्रतियोगिता में हिस्सा लेता और जीत हासिल करता.

Related-ऊँट और सियार की कहानी the camel and the jackal story in hindi

दोस्तों इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि जब हम कोई काम करते हैं तो हमें वह बहुत ही कठिन लगता है लेकिन उसको थोड़े-थोड़े करके हम करते हैं तो वह काम हमें बहुत ही आसान लगता है और हम जीवन में एक बड़े लक्ष्य को पाने में सक्षम हो पाते हैं.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *