जातिवाद पर व्यंग्य कविता Jativad par kavita

Jativad par kavita

जातिवाद एक बहुत बड़ी समस्या है। आज जातिवाद की वजह से विवाद देखे जाते हैं, कुछ लोगों को इंसान से ज्यादा जातिवाद की फिक्र रहती है वह जाति की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते है लेकिन कभी-कभी जातिवाद के नाम पर वह बहुत कुछ ऐसा भी कर देता है जो उसे नहीं करना चाहिए। जातिवाद एक ऐसी सामाजिक समस्या है जिसके कारण समाज को नुकसान हो रहा है। जातिवाद के कारण कई समस्याएं हमें देखने को मिलती हैं। आज के जमाने में इंसान काफी आगे बढ़ता जा रहा है हमें इस जमाने में जातिवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। जातिवाद पर आज हमने एक हास्य कविता लिखी है यह कविता पढ़कर जरूर ही आपको हंसी आएगी तो चलिए पढ़ते हैं हमारी आज की इस व्यंग कविता को

Jativad par kavita
Jativad par kavita

image source-https://thevirallines.net

जातिवाद ने हमको लूट लिया है
देखो यह कैसा विवाद हुआ है
इंसान का दुश्मन इंसान हुआ है
बंदरों की तरह इंसान हुआ है

इंसान ही इंसान का दुश्मन बन रहा है
देखो बंदरों की तरह झगड़ रहा है
जातिवाद में वो सब कुछ भूल रहा है
जाति के लिए वह झगड़ा रहा है

अलग जाति वालों से शादी ना करने देंगे
जाति जाएगी इसलिए खतरा मोल ना लेंगे
भले ही व्यभिचार हो हम ना झुकेंगे
अपनी जाति को सबसे बढ़कर समझते रहेंगे

जातिवाद ने हमको लूट लिया है
देखो यह कैसा विवाद हुआ है
इंसान का दुश्मन इंसान हुआ है
बंदरों की तरह इंसान हुआ है

दोस्तों हमें बताएं कि जातिवाद पर लिखी हमारी यह व्यंग कविता Jativad par kavita कैसी लगी पसंद आए तो अपने दोस्तों में इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।

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