अस्पताल में आधा घंटा निबंध हिंदी में Aspatal me aadha ghanta nibandh

Aspatal me aadha ghanta nibandh

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से अस्पताल में आधा घंटा पर लिखे निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस आर्टिकल को पढ़कर अस्पताल में आधा घंटा पर लिखे निबंध के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं ।

Aspatal me aadha ghanta nibandh
Aspatal me aadha ghanta nibandh

अस्पताल में रुकना कोई भी व्यक्ति पसंद नहीं करता है परंतु जब घर का कोई सदस्य या स्वयं व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तब उस व्यक्ति को अस्पताल में जाना पड़ता है । मुझे अस्पताल की भीड़ को देखकर अजीब सी फीलिंग अंदर से आने लगती है । मैं भी एक बार अपनी माताजी को लेकर के अस्पताल गया हुआ था । मेरी माता जी की अचानक से तबीयत खराब हो गई थी जिसके बाद मैं अपनी माताजी को लेकर अस्पताल गया और अस्पताल में तकरीबन आधा घंटे तक रुका था ।

आधे घंटे में मैं काफी परेशान रहा था क्योंकि मुझे अस्पताल में जाने के बाद अजीब सा लग रहा था । मेरी मजबूरी मुझे अस्पताल ले गई थी । जैसे ही मैं अपनी माताजी को लेकर अस्पताल पहुंचा इसके बाद मैं अस्पताल में डॉक्टर से जाकर मिला । जब मैंने अपनी माता जी से डॉक्टर से इलाज कराने के लिए कहा तब डॉक्टर ने जांच कराने के लिए कहा था ।इसके बाद मैं अस्पताल के लेब में गया जहां पर मेरी माता जी का ब्लड सैंपल लिया गया था ।

जब लैब में मेरी माता जी का ब्लड सैंपल ले रहे थे तब मैं वहीं पर था और मुझे ब्लड देख कर बड़ा डर सा लगा क्योंकि मैं खून देखकर घबरा जाता हूं । इसके बाद जब जांच की रिपोर्ट आई तब मैं वह रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के पास गया था । डॉक्टर ने वह रिपोर्ट देखकर मुझसे कहा कि तुम्हारी माता जी का ब्लड प्रेशर लो हो रहा है । मैं यह दवाई लिख रहा हूं इस दवाई को मेडिकल से ले लेना और मेरे बताए अनुसार यह दवाई अपनी माता जी को खिला देना जिसके बाद तुम्हारी माताजी को आराम मिल जाएगा ।

इसके बाद अस्पताल के अंदर मेडिकल से मैं दवाई लेने के लिए चला गया ।मेडिकल से मैंने दवाई ले ली थी । दवाई लेने के बाद मैं अपनी माताजी को लेकर अस्पताल में स्थित एक पार्क में चला गया था और वहां पर मैंने अपनी माता जी को कुर्सी पर बैठाया । इसके बाद मैंने अपनी माता जी से कहा कि अब घर पर चलते हैं और मैं अपनी माताजी को लेकर अपने घर पर वापस आ गया था । अस्पताल में मैं तकरीबन आधा घंटे तक रुका था । मैं अस्पताल में जाने से घबराता था परंतु पहली बार मैं अपनी माता जी के साथ अस्पताल गया और अस्पताल में आधा घंटे तक रुका ।

अस्पताल में जब मैं गया तब वहां की साफ सफाई देख कर मुझे बहुत अच्छा लगा था । मेरी माता जी भी आश्चर्यचकित हो गई थी कि यह कभी अस्पताल नहीं जाता था आज यह मेरे साथ में अस्पताल में आधा घंटे तक रुका और उसे घबराहट नहीं हुई ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल Aspatal me aadha ghanta nibandh आपको कैसा लगा इसके विषय में हमें कमेंट के माध्यम से बताएं जिससे कि हम आने वाले समय में इस तरह के सुंदर लेख आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत कर सके धन्यवाद ।

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