सत्यमेव जयते पर निबंध satyamev jayate essay in hindi

satyamev jayate essay in hindi

सत्यमेव जयते का अर्थ है की सत्य की हमेशा जीत होती है, सत्यमेव जयते शब्द हमारे देश के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे यह वाक्य लिखा गया है यह इसलिए लिखा है जिससे कि लोग सत्य के रास्ते पर चलें और कोई भी व्यक्ति असत्य के रास्ते पर ना चले क्योंकि असत्य के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति की कभी भी जीत नहीं होती है और जो सत्य के रास्ते पर चलता है उसके रास्ते में कठिनाइयां तो आती हैं लेकिन जब वह जीतता है तो उसको खुशी भी सबसे अधिकमिलती है ।

satyamev jayate essay in hindi
satyamev jayate essay in hindi

सत्यमेव जयते हमारे भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे लिखा गया है जिससे कि लोग इससे प्रेरित हो और सत्य के रास्ते पर चलें । सत्यमेव जयते को देवनागरी लिपि से लिया गया है सत्यमेव जयते को राष्ट्रपटल पर लाने के लिए मनमोहन मालवीय जी को अधिक मेहनत करना पड़ी उन्हीं के योगदान के कारण सत्यमेव जयते का प्रचार प्रसार हो सका ।

मनमोहन मालवीय का एक ही उद्देश्य था सत्यमेव जयते का प्रचार प्रसार करना क्योंकि वह जानते थे की हमारे देश की जनता जब तक सत्य के मार्ग पर नहीं चलेगी तब तक इस देश का विकास नहीं हो सकता सत्य की हमेशा जीत होती है. सत्यमेव जयते का सीधा अर्थ है कि हमारे देश के युवा सिर्फ और सिर्फ सत्य के रास्ते पर चलें क्योकि सत्य की हमेशा जीत होती है ।

शौर्य सम्राट अशोक जी के द्वारा उत्तर प्रदेश के निकट स्थित 250 ईस्वी में सारनाथ में एक श्लोक लिखा था उस श्लोक के शुरुआत में यह शब्द हैं सत्यमेव जयते. उस पूरे श्लोक में से यही शब्द लिया गया है और हमारे देश के अशोक स्तंभ के नीचे भी सत्यमेव जयते लिखा गया है । हमारे देश का जो संविधान है उस संविधान में भी सत्यमेव जयते और अशोक स्तंभ को दर्शाया गया है. भारत सरकार ने अशोक स्तंभ के नीचे लिखे सत्यमेव जयते को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में 26 जनवरी 1950 को माना और आज हमारे पूरे देश में चाहे वह सरकारी ऑफिस हो या कोर्ट कचहरी हो या फिर संसद भवन हो हर सरकारी दफ्तरों में इसको लिखा जाता है जिससे लोग सत्य के मार्ग पर चलें ।

लेकिन आज हम देख रहे हैं की सत्य सिर्फ सुनने को ही रह गया है ज्यादातर लोग इन शब्दों को अपने जीवन में नहीं उतार रहे है । हमारे देश के सभी ग्रंथों में यह बताया गया है कि जो व्यक्ति सत्य के रास्ते पर चलता है उसकी कभी हार नहीं होती और जो असत्य के रास्ते पर चलता है वह व्यक्ति कभी भी सुखी नहीं रहता और वह परेशानियों से घिरा रहता है ।

हमारे राष्ट्रीय पटल पर इसको इसलिए नहीं दिखाया जाता कि सुंदरता बढे बल्कि इसलिए दिखाया जाता है कि लोग इसको अपने जीवन में अपनाकर अपने परिवार को भी सत्य के बारे में बताएं, सत्य के मार्ग पर चढ़े. जब हमारे देश के सभी नागरिक सत्य के रास्ते पर चलने लगेंगे तो यह हमारे देश के लोगों की जीत होगी और हमारे देश की भी जीत होगी ।

यह अशोक स्तम्भ भारतीय नोटों पर भी दर्शाया गया है जिससे लोग सत्य के बारे में जाने और असत्य का रास्ता छोड़ दें , नोट के साथ साथ भारतीय डाकघरों में भी इसको अंकित किया गया है , भारतीय टिकट पर भी इसको अंकित किया गया है. हमारे भारत की सरकार जो भी कार्य करती है ज्यादातर उस कार्य में सत्यमेव जयते को अंकित किया जाता है और सत्य का प्रचार किया जाता है. जब हमारे देश के नागरिक सत्य के रास्ते पर चलेंगे तो हमारे देश में शांति बढ़ेगी और हमारे देश के सभी लोग विकास की ओर बढ़ेंगे. सत्यमेव जयते शब्द हमारे जीवन में खुशियां ला सकता है और हम अपना जीवन ख़ुशी से जी सकते हैं क्योंकि जब तक हम सभी सत्य को नहीं अपनाएंगे तब तक हमारा देश विकास की ओर नहीं बढ़ा सकता ।

हमारे देश के बहुत से लोग देश भक्ति भावना के हैं जब देश के लोगों की जरूरत पड़ती है तो वह अपना योगदान देने से पीछे नहीं हटते । बस हम सभी को देश के लिए सत्य के रास्ते पर चलना चाहिए और अपने देश के युवा, बच्चों को भी सत्य के रास्ते पर चलाने के लिए प्रयास करना चाहिए क्योंकि बाल्यावस्था में जो बच्चा सीखता है वहीं सीख वो आगे आने वाले समय में अपने जीवन में अपनाता है ।

हम सभी को यह कोशिश करना चाहिए कि छोटे बच्चों को हमेशा सत्य के रास्ते पर चलने के बारे में बताएं और उनको बताएं कि सत्य की हमेशा जीत होती है और जो व्यक्ति असत्य के रास्ते पर चलता है उसका कभी भी भला नहीं होता और वह हमेशा बर्बाद होता चला जाता है. सत्य के रास्ते पर चलने से शुरुआत में थोड़ी कठिनाइयां तो आती है लेकिन जब हम जीत हासिल कर लेते हैं तो हमको ऐसी खुशी होती है जिसका हम अंदाज भी नहीं लगा सकते इसलिए हम सभी को सत्य के रास्ते पर चलना चाहिए.

दोस्तों हमे जरुर बताये की ये आर्टिकल satyamev jayate essay in hindi आपको कैसा लगा.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *