परमाणु बम का इतिहास Parmanu bomb history in hindi

Parmanu bomb history in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से परमाणु बम के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं । चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस जबरदस्त आर्टिकल को पढ़कर परमाणु बम के इतिहास के बारे में जानते हैं ।

Parmanu bomb history in hindi
Parmanu bomb history in hindi

Image source – https://publicdomainvectors.org/h

परमाणु बम के बारे में – परमाणु बम एक थर्मों न्यूक्लियर बम है । जिसका उपयोग युद्ध के समय मे दुश्मन को नष्ट करने के लिए किया जाता है । परमाणु बम का विस्फोट न्यूक्लियर फ्यूजन प्रक्रिया के माध्यम से होता है । यदि हम परमाणु बम के निर्माण की बात करें तो परमाणु बम का निर्माण हाइड्रोजन के आइसोटोप से होता है । अब हम आइसोटोप के बारे में जानेंगे कि आइसोटोप क्या है ? आइसोटोप किसी तत्व का वह प्रारूप होता है जिसकी परमाणु संख्या तो बराबर होती है परंतु उस तत्व का परमाणु भार भिन्न होता है । हाइड्रोजन के द्वारा बने परमाणु हथियार बहुत ही विनाशकारी हथियार होता है जिसके उपयोग से कई क्षेत्र का विनाश हो जाता है ।

परमाणु हथियार के हाइड्रोजन के कुल 2 आइसोटोप होते हैं और उन दो आइसोटोप के नाम इस प्रकार से हैं । ड्यूटेरियम एवं ट्रिटियम आदि । आइसोटोप के द्वारा ही परमाणु बम का निर्माण होता है । जब परमाणु बम का परीक्षण किया जाता है तब इससे होने वाले घातक विस्फोट को देखा जा सकता है । जब इसका विस्फोट होता है तब आसपास के क्षेत्र में तबाही का बिगुल बजता दिखाई देता है । ऐसे घातक हथियार के उपयोग से पूरी दुनिया नष्ट होने की कगार पर दिखाई दे रही है । यदि पूरी दुनिया में बनाए गए परमाणु हथियार का उपयोग किया गया तो पूरी दुनिया एक बार में नष्ट हो सकती है ।

परमाणु बम के इतिहास के बारे में – परमाणु बम एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से सभी देश अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं । पहली बार इस परमाणु बम का उपयोग एवं थर्मो न्यूक्लीयर बम का परीक्षण सन 1952 को यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के द्वारा किया गया था ।यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के द्वारा पहली बार थर्मों न्यूक्लियर बम का परीक्षण एनेवेतक मे किया गया था । जब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के द्वारा परमाणु बम का पहली बार निरीक्षण किया गया तब अमेरिका ने परमाणु बम शक्ति का प्रदर्शन किया और कई देशों ने इस शक्ति का प्रदर्शन देखा और परमाणु बम बनाने में रुचि दिखाई ।

यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के बाद परमाणु हथियार को बनाने एवं परीक्षण करने की प्रक्रिया को रूस में पूरा किया था और रूस ने भी परमाणु परीक्षण करने में सफलता प्राप्त की थी । रूस के बाद परमाणु हथियार के परीक्षण के लिए ग्रेट ब्रिटेन ने अपने कदम आगे बढ़ाएं और ग्रेट ब्रिटेन ने भी इस परीक्षण में सफलता प्राप्त कर ली थी । रूस के बाद ग्रेट ब्रिटेन के पास भी परमाणु हथियार उपलब्ध था । ग्रेट ब्रिटेन के बाद फ्रांस में भी परमाणु परीक्षण किया गया और उस परीक्षण में फ्रांस भी सफल रहा था । फ्रांस के बाद परमाणु परीक्षण मे चाइना ने अपनी रुचि दिखाई और चाइना के द्वारा किया गया परमाणु परीक्षण सफल रहा था ।

इस तरह से परमाणु बम को बनाने में यह सभी पांच देश सफल रहे थे और इन सफल पांचों देशों को सभी न्यूक्लीयर क्लब के नाम से जानने लगे थे क्योंकि इन पांचों देशों ने परमाणु परीक्षण करके परमाणु बम बना कर अपने देश को सफल और शक्तिशाली बनाया था । जब पूरी दुनिया में परमाणु बम के सफल परीक्षण का  प्रचार प्रसार हुआ तब कई और देश परमाणु बम को बनाने में जुट गए थे । परमाणु बम का जिस तरह से धीरे-धीरे सभी देश परीक्षण कर रहे हैं जिसके कारण पूरी दुनिया पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं क्योंकि जिस परमाणु बम को बनाने में हाइड्रोजन के आइसोटोप का उपयोग किया गया है वह आइसोटोप बहुत ही घातक और विनाशकारी है ।

यह परमाणु बम धरती की उर्वरक क्षमता को नष्ट करने के साथ साथ  पेड़ पौधे और मनुष्य को नष्ट करने में सबसे विनाशकारी बम है । आज भी कई देश परमाणु बम के परीक्षण में लगे हुए हैं । द्वितीय विश्व युद्ध के समय यदि परमाणु बम मौजूद होता तो पूरी दुनिया का विनाश हो सकता था । परमाणु बम के निर्माण के बाद यह सोचकर बड़ा भय महसूस होता है की यदि एक बार फिर विश्व युद्ध हुआ तो सभी देश परमाणु हथियार का उपयोग कर सकते हैं । यदि सभी देशों ने परमाणु हथियार का उपयोग किया तो यह पूरी दुनिया एक बार में ही नष्ट हो जाएगी ।

भारत में किए गए परमाणु परीक्षण के इतिहास के बारे में – जब कई देशों के द्वारा परमाणु परीक्षण किए गए तब भारत में भी परमाणु परीक्षण करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी । भारत के लोगों ने भारतीय परमाणु आयोग की स्थापना की प्रक्रिया को पूरा किया और भारत में भारतीय परमाणु आयोग के द्वारा परमाणु परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी । भारतीय परमाणु आयोग ने पोखरण मे अपना पहला भूमिगत परमाणु  परीक्षण करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी थी । भारत में परमाणु आयोग के द्वारा भूमिगत परीक्षण पोखरण में 18 मई 1974 को किया गया था और भारत के द्वारा किया गया यह पहला परमाणु परीक्षण था ।

भारत को अपने पहले परमाणु परीक्षण में सफलता प्राप्त हुई थी । भारत के परमाणु आयोग में कार्यरत सभी वैज्ञानिकों की अटल मेहनत के कारण ही परमाणु परीक्षण सफल रहा था । जब पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया तब कई घर बर्बाद हो गए थे परंतु भारतीय लोगों ने उस बर्बादी को ध्यान में ना रखते हुए भारत की उपलब्धि का जश्न मनाया था क्योंकि भारत भी परमाणु परीक्षण करने के बाद एक शक्तिशाली देश बनने के रास्ते पर चल पड़ा था । इसके बाद 11 मई और 13 मई 1998 को भारत के परमाणु आयोग के द्वारा पांच भूमिगत परीक्षण और भी किए गए थे ।

जब भारत देश के द्वारा 5 परमाणु परीक्षण किए गए तब पूरी दुनिया में इस बात का तहलका मच गया था क्योंकि भारत भी उन शक्तिशाली देशों में शामिल हो गया था जिन देशों के पास परमाणु हथियार थे । भारत ने 5 भूमिगत परमाणु परीक्षण करके स्वयं को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया था और पूरी दुनिया को यह बता दिया था कि भारत भी एक शक्तिशाली देश है । भारत के राजनेताओं ने पूरी दुनिया में यह संकेत दिया था कि भारत परमाणु बम हथियारों का उपयोग सिर्फ देश की रक्षा सुरक्षा के लिए करेगा । सबसे पहले भारत देश परमाणु बम का उपयोग नहीं करेगा ।

इस तरह से भारत देश में हाइड्रोजन के आइसोटोप के माध्यम से परमाणु हथियार का निर्माण किया गया था ।

दोस्तों हमारे द्वारा लिखा गया यह जबरदस्त आर्टिकल परमाणु बम का इतिहास Parmanu bomb history in hindi यदि आपको पसंद आए तो सबसे पहले आप सब्सक्राइब करें इसके बाद अपने दोस्तों रिश्तेदारों में शेयर करना ना भूलें धन्यवाद ।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *