सूखे पर निबंध Essay on drought in hindi

Essay on drought in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं सूखे पर निबंध तो चलिए पढ़ते है इस निबंध को

भगवान ने यह दुनिया बनाई है इस दुनिया में कई तरह की समस्याएं आती रहती है कहीं-कहीं पर बहुत तेज पानी बरसता है जिससे बाढ़ आ जाती है तो कहीं कहीं पर सूखे जैसी समस्या आती है वहां पर पीने के लिए पानी भी बहुत मुश्किल से मिल होता है। आज हम देखें तो गर्मियों के मौसम में अधिकतर सूखा जैसी समस्याएं हमारे सामने आती है इस समस्या की वजह से लोग पानी के लिए तरसते हैं यह समस्या हमारे देश के हर एक क्षेत्र को प्रभावित करती है और लोग सूखे की समस्या की वजह से बहुत परेशान हो जाते हैं।

Essay on drought in hindi
Essay on drought in hindi

सूखे की समस्या से निपटने के लिए सरकार काफी प्रयत्न करती है कई जगह पर पानी के टैंकर भेजे जाते हैं जिसमें लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं लेकिन पानी की समस्या की वजह से कई जगह पर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं लोग एक-एक बूंद के लिए लड़ते झगड़ते रहते हैं अगर सूखे जैसी स्थिति में हम कहीं बाहर जाते हैं तो हमें पानी भी बड़ी मुश्किल से मिलता हमें पानी खरीदना पड़ता है। पहले हमें जहां पानी मुफ्त में मिल जाता था आजकल लोगों को बड़े-बड़े शहरों में गर्मियों के दिनों में पानी खरीदना पड़ता है। सूखे की स्थिति अगर लंबे समय तक होती है तो इस तरह से अकाल पड़ जाता है लोगों का जीवन जीना मुश्किल हो जाता है।

सूखा के कारण

सूखा की समस्या कई तरह के कारणों की वजह से हो सकती है सबसे बड़ा कारण यह है कि आज का मनुष्य स्वार्थी हो गया है वह अपने लाभ के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है दरहसल वह अपने लाभ के लिए, अपने स्वार्थ के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई किए जा रहा है वह वनों की लकड़ी का उपयोग घर की सामग्री में, दरवाजे बनाने में, सजावटी चीजों में उपयोग करता है अपने इस छोटे से लाभ के लिए वह वनों की अंधाधुंध कटाई करने से भी नहीं चूकता। इस वनों की अंधाधुंध कटाई की वजह से सूखा जैसी स्थिति आती है दरअसल वन वर्षा को आकर्षित करते हैं। वनों की कटाई होने के कारण पर्यावरण में एक तरह का असंतुलन हो जाता है और सूखे जैसी स्थिति हमारे सामने उत्पन्न हो रही है। दरअसल इस सूखे का एक कारण यह भी है कि हम सब जब इन समस्याओं की ओर सचेत होते हैं तब वास्तव में यह समस्या हमारे चारों और एक विकराल रुप ले लेती है अगर हम समय रहते इस समस्या को समझकर कुछ प्रयत्न करें तो यह समस्या ही ना आए। हमें चाहिए कि हम जल का दुरुपयोग ना करें जल का सदुपयोग करें हम सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस तरह के अभियान में सहयोग नहीं देते जिस वजह से भी सूखे जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं हमें मिलजुल कर इस तरह के अभियानों का सहयोग भी करना चाहिए और पानी की बर्बादी करने से जितना हो सके बचना चाहिए और जल की कीमत समझना चाहिए क्योंकि जल अनमोल है।

सूखा का प्रभाव

सूखा का बहुत ही हानिकारक प्रभाव भी होता है कई जगह पर सूखा की वजह से कृषि पर बहुत ही हानिकारक प्रभाव पड़ता है। फसल का उत्पादन पानी पर निर्भर करता है पानी की कमी की वजह से फसल की पैदावार में कमी आती है जिससे जीवन में कई सारी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। अनाज की मात्रा कम निकलने की वजह से उनके दाम बढ़ जाते हैं इसके अलावा सब्जियों, फलों आदि के भी काफी दाम बढ़ जाते हैं क्योंकि सूखे की स्थिति में यह बहुत ही कम उपलब्ध हो पाते हैं लेकिन उनकी मांग होने की वजह से इनकी कीमत बढ़ा दी जाती है इससे महंगाई की समस्या आती है। इस सूखे की वजह से मनुष्य को काफी तकलीफ होती है बहुत सारे लोग पानी के लिए झगड़ते हुए नजर आते हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे सूखे में टैंकरों से लोग पानी भरते हैं और सबसे पहले पानी भरने के लिए यह लड़ाई-झगड़े करने से भी नहीं चूकते क्योंकि सूखे की स्थिति में पानी किसी अमृत से कम नहीं होता। सूखे की वजह से कई पशु पक्षी, जानवरों की भी मृत्यु हो जाती है क्योंकि उन्हें भी पानी नहीं मिलता वास्तव में सूखा के काफी हानिकारक प्रभाव होते हैं हम सभी को सूखे की स्थिति से निपटने के लिए प्रयास करने चाहिए।

सूखे की स्थिति से निपटने के लिए समाधान

सूखे की स्थिति से निपटने के लिए हमें कुछ समाधान करने चाहिए हमें चाहिए कि अगर पानी की उपलब्धता कम हो तो हमें वर्षा का पानी संग्रहण करना चाहिए जिससे हम पानी को व्यर्थ न बहाएं और उसका सही उपयोग कर सकें। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए हमें वृक्षारोपण अधिक से अधिक करना चाहिए क्योंकि वृक्ष वर्षा को आकर्षित करते हैं जिससे वर्षा होती है और जिस वजह से हमारी सारी समस्याएं खत्म होती हैं। सूखे की स्थिति को खत्म करने के लिए हमें पानी का सही उपयोग करना सीखना चाहिए बहुत सारे लोग ऐसे भी होते हैं जो पानी को बर्बाद करते रहते हैं वह व्यर्थ का पानी बहाते हैं हमें यह सब नहीं करना चाहिए और पानी का सही उपयोग करना चाहिए। सरकार द्वारा इस सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जो अभियान चलाए जाते हैं हमें चाहिए कि हम उन अभियानों में सरकार का सहयोग करें और इस सूखे की स्थिति से निपटने की कोशिश करें।

इस तरह से हम कुछ हद तक सूखे की स्थिति का समाधान कर सकते हैं और इस सूखे की स्थिति से हम अपने आप को बचा सकते हैं।

 

दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया ये आर्टिकल Essay on drought in hindi पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करना ना भूले इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंटस के जरिए बताएं कि आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा जिससे नए नए आर्टिकल लिखने प्रति हमें प्रोत्साहन मिल सके और इसी तरह के नए-नए आर्टिकल को सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए हमें सब्सक्राइब जरूर करें जिससे हमारे द्वारा लिखी कोई भी पोस्ट आप पढना भूल ना पाए.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *