छुआछूत पर निबंध Essay on chuachut in hindi

छुआछूत एक अभिशाप पर निबंध essay on untouchability in hindi

Essay on chuachut in hindi- दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं छुआछूत पर हमारे द्वारा लिखित यह निबंध आप इसे जरूर पढ़ें। यह निबंध हमने विद्यार्थियों की जानकारी के लिए लिखा है जिससे विद्यार्थी यहां से अच्छी जानकारी लेकर अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं तो चलिए पढ़ते हैं हमारे द्वारा लिखित आज के इस निबंध को

Essay on chuachut in hindi
Essay on chuachut in hindi

छुआछूत किसी निम्न वर्ग के साथ किया जाने वाला एक ऐसा अपराध है जिसके कारण उस व्यक्ति या समाज को जीवन में विकास करने में उच्च वर्ग के द्वारा मदद नहीं मिलती है, व्यक्ति जीवन में पीछे रह जाता है। उच्च वर्ग के लोग उस व्यक्ति से भेदभाव करते हैं उसे मंदिरों, कई तरह के स्थान आदि में नहीं जाने देते एवं कुआं, बाढी आदि से पानी नहीं भरने देते। उच्च जाति के लोग उस निम्न वर्ग के व्यक्ति का स्पर्श नहीं करते,वह निम्न वर्ग के व्यक्ति का एक तरह से उपहास करते हैं जिससे समाज में रहना उस निम्न वर्ग के व्यक्ति के लिए काफी मुश्किल होता है। छुआछूत एक तरह की ऐसी बीमारी हम मान सकते हैं जिसके कारण उस निम्न वर्ग के व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता और वह कुछ बड़ा नहीं कर पाता।

आज हम देखें तो छुआछूत प्राचीन काल से ही चली आ रही है पहले भी उच्च वर्ग के लोग निम्न जाति के लोगों के साथ छुआछूत करते थे, वह उन्हें अपने किसी स्थान विशेष मंदिर आदि में प्रवेश नहीं करने देते थे, उनसे हाथ लगाना भी बुरा मानते थे। आजकल के जमाने में भी हमें छुआछूत देखने को मिलता है आज भी कई पिछड़े हुए गांव में छुआछूत जैसी समस्या से लोग ग्रसित हैं लेकिन बदलते इस जमाने में छुआछूत की समस्या पहले से कुछ कम हुई है आज हम देखें तो हर कोई ज्यादातर पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है जिस वजह से लोगो की सोच भी बदल रही है और वह व्यक्ति छुआछूत नहीं करता लेकिन फिर भी हम यह नहीं कह सकते कि आज छुआछूत की समस्या नहीं है, आज भी कई स्थानों पर छुआछूत जैसी समस्याएं देखने को मिलती है।

छुआछूत की वजह से निम्न वर्ग के इन लोगों का रहना मुश्किल हो जाता है एक तरह से हम देखें तो छुआछूत एक अपराध है। हमे किसी व्यक्ति के साथ छुआछूत नहीं करना चाहिए। हम सभी को समझने की जरूरत है की भगवान ने हमें इंसान बनाया है हममें कोई भी फर्क नहीं किया है फिर भी हम कुछ व्यक्तियों के साथ छुआछूत करते हैं तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है हमें छुआछूत की समस्या को पूरी तरह से दूर करने की जरूरत है और जीवन में आगे बढ़ने की जरूरत है।

हम छुआछूत को एक तरह का अपराध भी कह सकते हैं क्योंकि जिस तरह से हम किसी व्यक्ति के साथ कुछ गलत करते हैं या उसके साथ कुछ अपराध करते हैं तो सामने वाले व्यक्ति को काफी पीड़ा होती है उसी तरह यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे के साथ छुआछूत जैसा भेदभाव करें तो सामने वाले व्यक्ति को पीड़ा होती है वह काफी दुखी हो जाता है इसलिए हम सभी को इस और विशेष ध्यान देने की जरूरत है और छुआछूत जैसी ब्याधि को हमारे समाज से दूर करने की जरूरत है।

छुआछूत जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए पहले के जमाने में कई महान लोगों ने पहल की थी। महात्मा गौतम बुद्ध जिन्होंने इस तरह के छुआछूत को दूर करने की कोशिश की थी और समाज को एक रास्ता दिखाया था इसके अलावा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने भी समाज में फैले इस छुआछूत को दूर करने की कोशिश की थी क्योंकि उन्होंने भी बचपन में इस तरह की समस्याओं का सामना किया था। आज हमारे भारत देश में पूरी तरह से तो छुआछूत की समस्या खत्म नहीं हुई है लेकिन इन महापुरुषों की वजह से काफी लोग जागरूक हो रहे हैं, इन महान लोगों से सीख ले रहे हैं। आज युवा पीढ़ी की सोच में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है वास्तव में हम सभी को इस छुआछूत को दूर करने की जरूरत है और समाज में मिलजुलकर रहने की जरूरत है। छुआछूत हमारे समाज के लिए काफी घातक है इसको दूर जरूर करना चाहिए।

दोस्तों हमें बताएं कि छुआछूत पर हमारे द्वारा लिखा यह आर्टिकल Essay on chuachut in hindi आपको कैसा लगा। हमें कमेंटस करके जरूर बताएं धन्यवाद।

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