तोते की आत्मकथा Autobiography of parrot in hindi

Autobiography of parrot in hindi

दोस्तों नमस्कार, आज हम आपके लिए लाए हैं तोते की आत्मकथा पर हमारे द्वारा लिखित यह काल्पनिक आर्टिकल आप इसे पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के इस आर्टिकल को

Autobiography of parrot in hindi
Autobiography of parrot in hindi

मैं एक तोता हूं, मेरा रंग हरा है एवं चोंच लाल है. मैं बहुत ही सुंदर दिखता हूं इसी वजह से मनुष्य को मैं बहुत ही भाता हूं. बहुत सारे लोग मुझे पालना पसंद करते हैं, मुझे अपने घरों में पिन्जरों में बंद करके रखते हैं, मुझे खिलाते पिलाते हैं और कई तरह की शिक्षा भी देते हैं. लोगों का मानना है कि मैं नकल करने में माहिर हूं मुझे जो भी सिखाया जाता है मैं उसको बहुत ही कम समय में सीख जाता हूं. मुझे मिर्ची खाना बहुत ही पसंद है. मैं शाकाहारी पक्षी हूं लेकिन मेरी कुछ प्रजाति कीड़े मकोड़े भी खाना पसंद करती हैं.

मैं अक्सर झुण्ड में रहना पसंद करता हूं जब भी मैं किसी की छत पर पहुंचता हूं तो लोग मुझे पकड़ना चाहते हैं इसी वजह से मैं डरकर वहां से भाग आता हूं क्योंकि मुझे एक जगह पिंजरे में बंद होकर रहना पसंद नहीं है. मैं आसमान की सैर करना चाहता हूं, चारों ओर घूमना चाहता हूं. अन्य पक्षी जो सिर्फ अपनी चोंच से भोजन करते हैं लेकिन मैं अपने दोनों हाथों की मदद से अपना भोजन करता हूं. मैं मनुष्यों को काफी पसंद हू. एक दिन जब मैं अपने कुछ साथियों के साथ शहर में भ्रमण करने के लिए गया था तब हम सभी एक घर की छत पर बैठे हुए थे तभी किसी व्यक्ति ने मुझे चुपके से पकड़ लिया और मेरे साथी सारे भाग गए.

मुझे उस व्यक्ति ने एक पिंजरे में बंद कर दिया अब मैं उस पिंजरे से बाहर निकलना चाहता था लेकिन मैं निकल नहीं सका. वह व्यक्ति अपने बीवी, बच्चे एवं माता-पिता के साथ रहता था. मुझे पिंजरे में रहना पसंद नहीं था लेकिन वह सभी परिवार के सदस्य मेरी बहुत ही अच्छे से देखभाल करते थे, वह मुझे सुबह शाम दूध रोटी खिलाते थे और मुझे हरी मिर्ची खाने के लिए देते थे. सच बताऊं तो मुझे पिंजरे में रहना बहुत ही अच्छा लगने लगा था लेकिन फिर जब कभी मुझे मेरी तोते मां की याद आती तो मुझे पिंजरे से बाहर निकलने का मन करता था.

कभी कभी मुझे आसमान में उड़ने का भी मन करने लगता था और मैं पिंजरे में ही फड़फड़ाने लगता था. मुझे बंद रहना पसंद नहीं था लेकिन वह परिवार के लोग शाम के समय अपने घर के दरवाजे बंद करके मुझे घर में खुले में छोड़ देते थे तो मैं थोड़ा बहुत उड़ लेता था लेकिन आसमान में उड़ना एक अलग ही तरह की बात है. अभी कुछ ही दिन हुए थे कि एक दिन की बात है ऐसे ही शाम को परिवार के लोगों ने मुझे अपने कमरे में खुले में छोड़ कर रखा था तभी जिस व्यक्ति ने मुझे पकड़ा था उसका बच्चा एकदम से घर के अंदर आया और उसने दरवाजा खोल दिया.

मैं खुशी के मारे झूमने लगा और यही समय मैंने देखा और मैं तेजी से उड़ता हुआ बाहर की ओर गया और अपने अन्य साथियों के पास उड़ता हुआ आ गया. मुझे ऐसा लगा कि जैसे मुझे आज आजादी मिल गई हो वैसे परिवार के लोग अच्छे थे लेकिन मुझे अपने अन्य तोते साथियों के साथ रहना सबसे अच्छा लगता है इसलिए आज मुझे काफी खुशी हुई. जिस घर में मैं रहता था वहां पर मैं कभी-कभी जाता हूं और दूर से अपने साथियों के साथ ताकता रहता हूं. सच में उस परिवार के सदस्य मुझे बहुत ही अच्छी तरह से रखते थे लेकिन मुझे अपने परिवार के साथ ही रहना सबसे अच्छा लगता है यही है मेरी आत्मकथा.

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