मेरा प्रिय खेल खो खो निबंध mera priya khel kho kho essay in hindi

mera priya khel kho kho essay in hindi

दोस्तों हमारे देश में कई तरह के गेम्स खेले जाते हैं जैसे कि हॉकी , फुटबॉल , क्रिकेट , कबड्डी , रेसिंग गेम आदि। आज मैं आपको एक ऐसे गेम्स के बारे में बताने जा रहा हूं जो हमारे भारत में प्राचीन समय से ही लोग खेलते आ रहे हैं । हमारे भारत में कबड्डी और खो खो गेम ग्रामीण और क्षेत्र के लोग पुराने समय से ही खेलते हैं । यह गेम खेलने से शरीर में ऊर्जा का निर्माण होता है, हमारे शरीर के अंदर का रक्त संचार बना रहता है और इस गेम को खेलने के बाद शरीर के अंदर किसी भी तरह का आलस नहीं होता है । अब मैं आपको यह बताने जा रहा हूं कि मेरा सबसे प्रिय खेल कौन सा है ।

me ra priya khel kho kho essay in hindi
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दोस्तों मैं बचपन से ही खो खो गेम खेलता आ रहा हूं । मुझे यह गेम खेलने में आनंद आता है । मैं स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाता हूं तब हमारे स्कूल में लंच का समय होता था तब मैं और मेरे दोस्त खो खो गेम खेलते थे । इस गेम को खेलने के लिए मेरे क्लास के टीचर भी हमारे साथ खो खो गेम खेलते हैं । इस गेम को खेलने के लिए किसी तरह का कोई सामान नहीं चाहिए होता है । इस गेम को खेलने के लिए मैदान की आवश्यकता होती है । इस गेम को खेलने से पहले जो टीम बनाई जाती हैं उन दोनों टीमों में 18 खिलाड़ी होते हैं । एक टीम में 9 खिलाड़ी होते हैं । इस गेम को खेलते समय किसी भी खिलाड़ी के शरीर में आलस नहीं होना चाहिए यदि वह आलस करेगा तो इस गेम को हार जाएगा ।

यह गेम भारत के सभी गांव के युवा एवं भारत के सभी प्रदेशों के शहरों में यह गेम खेला जाता है । इस गेम को खेलने में बड़ा ही आनंद आता है । जब मैं इस गेम को खेलता हूं तो चड्ढा और टीशर्ट पहन कर मैदान में आता हूं और पूरी मेहनत से इस गेम को खेलता हूं । खो खो गेम खेल कर मैंने कई बार अपने स्कूल में प्रतियोगिता जीती है और मेरे स्कूल में खो खो गेम का सबसे बड़े प्लेयर के रूप में मुझे जानते हैं । जब मैं अपने गांव जाता हूं तो वहां के अड़ोस पड़ोस के मेरे दोस्त मुझे खो खो गेम खेलने के लिए ले जाते हैं । जब मैं यह गेम खेतों में खेलता हूं तो मुझे बड़ा आनंद आता है । खो खो गेम खेलने के लिए एक अच्छा दुवा दार मैदान होना चाहिए जिस मैदान में बढ़िया हरी भरी घास हो वहां पर खो खो गेम खेलने में आनंद ही आनंद आता है । जब मैं खो खो गेम खेलता हूं तो मुझे मेरे बचपन की याद आ जाती है । जब हम गांव में रहते थे तब हम सभी दोस्त सुबह खो खो गेम खेलने के लिए निकल जाते थे तो शाम को घर पर वापस आते थे । जब हम घर पर वापस आते थे तब घरवाले हमें बहुत डांटते थे लेकिन हम खो खो गेम खेलने के लिए अवश्य जाते थे ।

मैं और मेरी टीम कई बार स्कूल की तरफ से दूसरे शहर में खो खो गेम खेलने के लिए जा चुके हैं और वहां से इस गेम को जीत कर हमारे स्कूल का नाम रोशन किया है । मैं प्रदेश स्तर पर भी खो खो गेम खेल चुका हूं और मुझे कई बार प्रतियोगिता में गेम जीतने के लिए पुरस्कार भी दिए गए हैं । जब मैं खो खो गेम जीता हूं तो मुझे इनाम मिलती है तब मुझे बड़ी खुशी होती है । यदि मैं घर पर नहीं होता हूं और मुझे कोई बुलाने के लिए घर पर जाता है तो मेरे घर वाले उस व्यक्ति से बोलते हैं कि वह तो खो खो गेम खेलने के लिए मैदान में गया है वहां पर चले जाओ वहां पर वह मिल जाएगा । मैं खो खो गेम खेलने के लिए जाना जाता हूं मेरे अड़ोस पड़ोस के लोग भी यह कहते हैं कि यह लड़का खो खो गेम बहुत अच्छा खेलता है ।

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