गंगा सफाई अभियान पर निबंध ganga safai abhiyan essay in hindi

ganga swachata abhiyan in hindi essay

गंगा नदी हमारे भारत की शान है । इस नदी को हम गंगा मैया के नाम से भी जानते हैं । इस पर हम धार्मिक आस्था रखते है । हम गंगा मैया को पूजते हैं। गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र जल माना जाता है और गंगा के घाट पर कई लोग पूजा करने के लिए जाते हैं । गंगा नदी बरसों से हम सभी को पानी दे रही है । गंगा नदी हमारे भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती हैं लेकिन आज गंगा नदी में हो रहे प्रदूषण के कारण गंगा नदी का पानी दूषित होता जा रहा है । आज मैं आपको गंगा नदी में हो रहे प्रदूषण के बारे में बताने जा रहा हूं और हम सभी को यह प्रयास करने की जरूरत है कि गंगा नदी के पानी को स्वच्छ रखें।

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https://en.wikipedia.org/wiki/Save_Ganga_Movement

स्वच्छ गंगा परियोजना नमामि गंगे योजना की शुरुआत हमारे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा की गई थी । इस योजना को प्रारंभ करने का उद्देश्य था कि हमारे भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा नदी पर हो रहे प्रदूषण को रोका जाए , इसके पानी को स्वच्छ किया जाए । जब इस योजना को केंद्रीय बजट में लाया गया था तब इस योजना को प्रारंभ करने के मार्ग में कई लोगों ने रुकावट डाली थी । केंद्रीय बजट में सन 2014 एवं 2015 में 2037 करोड़ के आम बजट के साथ इस योजना को प्रारंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से हमारे देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को साफ करने के लिए 18 वर्ष का समय निश्चित किया गया है एवं निश्चित समय के अंदर ही गंगा के पानी को स्वच्छ किया जाएगा । यह योजना सबसे महत्वपूर्ण योजना है क्योंकि जिस पानी को हम पीते हैं वह पानी अगर शुद्ध नहीं होगा तो हमें तरह-तरह की बीमारी हो सकती हैं।

इस योजना के प्रारंभ मैं कई लोगों ने केंद्र की सरकार से सवाल भी किए और पूछा कि इस योजना को पूरा करने में कितना समय लगेगा । तब हमारे देश के प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि यह छोटी योजना नहीं है यह देश की सबसे बड़ी योजना है और गंगा के पानी का क्षेत्र छोटा नहीं है यह कई हजारों किलोमीटर में फैला हुआ है इसलिए इसकी सफाई में करीबन 18 साल लग सकते हैं । जब यह योजना पूरी होगी तो हमारे देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को भी प्रदूषण मुक्त हो जाएगी । इस योजना को प्रारंभ करने से पहले मंत्रालय के मंत्रियों ने बहुत विचार विमर्श किया और प्लानिंग बनाई है कि किस तरह से हम गंगा के पानी को शुद्ध कर सकते हैं और गंगा नदी के आसपास किस तरह से स्वच्छ वातावरण हम बना सकते हैं । मैं यही कहूंगा कि सरकार के साथ साथ हम सभी भारत नागरिकों को भी गंगा के पानी को साफ करने के लिए अपना योगदान देना चाहिए । हमें कोशिश करना चाहिए कि जब हम गंगा के तट पर घूमने के लिए जाएं तो वहां पर किसी तरह का प्रदूषण ना फैलाएं । हमें कोशिश करना चाहिए कि गंगा के नदी में किसी तरह का कोई कचरा ना डालें और हम गंगा के पानी में स्नान करते समय साबुन से स्नान ना करें इसके कारण हमारी गंगा नदी का पानी दूषित होता है ।

जब हम सभी नागरिक यह सोच बना लेंगे कि हमें गंगा के तट पर किसी तरह का कोई भी प्रदूषण नहीं फैलाना है तब ज्यादा समय गंगा के पानी को साफ करने में नहीं लगेगा और हमारे भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा स्वच्छ हो जाएगी । गंगा नदी की सफाई करने के लिए तरह तरह की मशीनों का उपयोग किया जा रहा है । हमारे देश की सबसे पवित्र गंगा नदी का पानी उत्तर प्रदेश , बिहार , झारखंड , पश्चिम बंगाल से होते हुए समुद्र के पानी में मिल जाती है । कई मशीनों के माध्यम से यह कोशिश की जा रही है कि गंगा के पानी में किसी तरह का कोई केमिकल है उसको बाहर किया जाए । पानी के अंदर कचरा और वेस्टेज सामान है उसको भी बाहर किया जा रहा है । जब गंगा के पानी को साफ करके पीने योग्य बना लिया जाएगा तब इस पानी को हम सभी के पास पहुंचाया जाएगा एवं इस पानी को गांव की खेती के लिए भी उपयोग किया जाएगा । हमारे भारत सरकार के द्वारा हमारे भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा को सन 2008 में राष्ट्रीय नदी के रूप में भी घोषित किया गया है ।

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