भारतीय संस्कृति पर निबंध व कविता Indian culture essay and poem in hindi language

Indian culture essay in hindi

hamari sanskriti essay in hindi-दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं भारतीय संस्कृति पर निबंध आप इसे जरूर पढ़ें। हमारे आज के इस आर्टिकल से आप अपनी स्कूल, कॉलेज की परीक्षा में निबंध लिखने के लिए मदद ले सकते हैं साथ में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी आप इस निबंध को जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस निबंध को

हमारा भारत देश एक बहुत ही विशाल देश है जिसमें विभिन्न जाति धर्म के लोग रहते हैं यह सब अलग-अलग जाति धर्म के होने के बावजूद भी एक ही देश में मिल जुल कर रहते हैं इनकी संस्कृति अलग-अलग होती है,इनका पहनावा भी अलग अलग होता है प्राचीन काल से ही हमारे भारत देश में भारतीय संस्कृति है। जमाने बदलते गए सालों गुजरते गए लेकिन फिर भी भारतीय संस्कृति वैसी की वैसी है हमारे भारतीय संस्कृति में बड़ों का सम्मान करना, गुरु को भगवान की तरह समझना है हमारी भारतीय संस्कृति में अपने रिश्ते नातो का सम्मान करना,उनका आदर करना है और मिल-जुलकर विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाना है। हमारे रीति रिवाजों में कई त्योहार जैसे कि दीपावली रक्षाबंधन होली, दशहरा आदि प्रमुख हैं सभी लोग मिल जुलकर इन त्योहारों को प्राचीन काल से ही मनाते हुए आ रहे हैं आज भी लोग अपने इन त्योहारों को मनाते हैं। इन त्योहारों को मनाकर हम अपनी पुरानी सभ्यता और संस्कृति को बनाये रखते हैं। हमारे भारत देश में कई तरह के धर्म हैं जैसे कि हिंदू मुस्लिम, सिख, इसाई,बौद्ध धर्म, जैन धर्म, ईसाई धर्म काफी समय से देश में हैं लोगों के अलग अलग धर्मों के रीति रिवाज थोड़े अलग हैं लेकिन भारत देश में सभी धर्मों के लोग बहुत ही अच्छी तरह से समाज में मिल जुल कर रहते हैं।

हमारी संस्कृति में सत्य बोलना, ईमानदारी रखना आदि भी है हमें किसी भी गरीब, असहाय व्यक्ति की मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए यही हमारी संस्कृति है हमारी सभ्यता है। हमारी संस्कृति में हम ईश्वर को पूजते हैं,उनको मानते हैं सम्मान करते हैं सुबह शाम उन्हें अगरबत्ती लगाते हैं, दीपक रखते हैं यह सब हम प्राचीन काल से ही करते आ रहे हैं। समय बदल रहा है लेकिन आज भी लोग ईश्वर की पूजा करते हैं ईश्वर के प्रति आज के लोगों में भी श्रद्धा देखने को मिलती है क्योंकि यही हमारी संस्कृति है। हम हमारे देश में कई तरह की जयंती मनाते हैं यह जयंती देवी देवताओं या फिर किसी महान व्यक्ति की होती है जैसे कि महात्मा गांधी जयंती जो कि पूरे देश में मनाई जाती हैं इसी के साथ में और भी कई दिवस जैसे कि बाल दिवस, गणेश जयंती, नवदुर्गा आदि हम मनाते हैं यह सब हमारी संस्कृति ही हैं प्राचीन काल से ही यह संस्कृतियां हमारे देश में हैं। प्राचीन काल से ही हमारी संस्कृति के हिसाब से हमारे पहनावे हैं लेकिन जमाने के हिसाब से थोड़ा बहुत बदलाव आज देखने को मिलता है स्त्री और पुरुष दोनों के पहनावे बदले हुए दिखते हैं साथ में उनकी संस्कृति भी बदली हुई दिखती है।

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं वह ना तो बड़ों का सम्मान करते हैं और ना ही किसी मुसीबत में फंसे हुए व्यक्ति की मदद करते हैं वह ना ईश्वर में श्रद्धाभाव रखते हैं और ना ही ईश्वर को मानते हैं वह अपने बड़े बुजुर्गों या माता-पिता का भी सम्मान नहीं करते ऐसे लोग भी हमारे समाज में हैं हम सभी को चाहिए कि हम भारतीय प्राचीन संस्कृति को समझें और इसके अनुरूप अपने जीवन को बदलें क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है। हम हमारी संस्कृति में गाय को गौ माता समझते हैं उनकी पूजा करते हैं दिवाली पर इसकी पूजा की जाती है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इन बेचारी गौ माताओं को बेसहारा छोड़ देते हैं गौ माता जो कि हम सभी को दूध देती हैं हमें उनकी देखरेख करनी चाहिए, उनकी सेवा करनी चाहिए यही हमारी संस्कृति में आते हैं। हमें हमारे बुजुर्ग माता पिता की सेवा करनी चाहिए हमें अपने कर्तव्य से कभी भी विमुख नहीं होना चाहिए क्योंकि यही हमारी संस्कृति है हमे हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए, झूठ बिल्कुल भी नहीं बोलना चाहिए और हमेशा देश प्रेमी होना चाहिए यही हमारी संस्कृति है हमें इस संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए।

Indian culture poem in hindi

भारतीय संस्कृति हमारी सबकुछ है

भारतीय संस्कृति ही हमारी जीवनशैली है

आदर करना हमको सिखाती

जीवन को जीना हमको सिखाती

 

रीति रिवाजों का ही एक रूप है

हमारी मान्यताओं का भी एक रुप है

विनम्रता और सद्भाव यहां पर है

पूजा पाठ व्रत संस्कृति में है

 

भूखे को अन्न देना संस्कृति में है

अतिथि का सम्मान संस्कृति में हैं

भारतीय संस्कृति हमारी सबकुछ है

भारतीय संस्कृति ही हमारी जीवनशैली है

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