चिड़ियाघर की सैर पर निबंध Essay on visit to a zoo in hindi

Essay on visit to a zoo in hindi

chidiya ghar essay in hindi-दोस्तों कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं चिड़ियाघर के दृश्य पर निबंध। दोस्तों हमारा आज का यह निबंध बच्चों के लिए बहुत ही जबरदस्त और शानदार निबंध है हमारे आज के इस निबंध में हम चिड़ियाघर के दृश्य के बारे में बातचीत करेंगे चलिए पढ़ते हैं हमारे आज के इस निबंध को

Essay on visit to a zoo in hindi
Essay on visit to a zoo in hindi

आज से कुछ समय पहले जब मैं बच्चा था तो जब भी हमारी गर्मियों की छुट्टी होती थी तो मुझे बहुत ही खुशी का अनुभव होता है मैं अक्सर अपने माता-पिता से कहीं घूमने के लिए जाने को कहता था एक दिन मैं और मेरा दोस्त बातचीत कर रहे थे तभी मेरे दोस्त ने मुझसे कहा की चिड़ियाघर एक ऐसी शानदार जगह है जहां पर कई तरह के जानवर, पशु पक्षी देखने को मिलते हैं मैं यह सुनकर बहुत ही आकर्षित हुआ उसी समय मैंने डिसीजन लिया की मैं भी एक दिन जरूर ही चिड़ियाघर देखने जाऊंगा। दो महीने बाद ही गर्मियों की छुट्टीया आई मैंने अपनी मम्मी से घूमने जाने के लिए कहा फिर पापा से भी इसकी जिद की। मेरे पाप मेरी जिद के आगे झुक गए और उन्होंने अपने काम से छुट्टी ली फिर हम एक दिन निश्चित करके दिल्ली के एक प्रसिद्ध चिड़ियाघर में जाने के लिए तैयार हो गए। पापा जी ने कुछ दिन पहले ही ट्रेन में रिजर्वेशन करवा लिया था एक शाम हम अपने घर से निकल पड़े और रेल में बैठकर दिल्ली पहुंच गए दिल्ली में जब हम चिड़ियाघर के पास पहुंचे तो मेरे होठों पर मुस्कान आ गई क्योंकि जैसा मेरे दोस्त ने कहा था वैसे दृश्य मेरे सामने आ रहे थे मेरे पापा जी ने पास में ही एक खिड़की से हमारे लिए टिकट लिए और फिर हम उस चिड़ियाघर के अंदर चले गए।

चिड़ियाघर के अंदर मैंने देखा पशु पक्षियों के लिए उनके अनुकूल का एक वातावरण बनाया गया जिसमें सभी तरह के जानवर,पशु पक्षी थे इस चिड़ियाघर में मुझे मोर,तोता, बदक, कबूतर आदि पक्षी देखने को मिले वही उस चिड़ियाघर के जंगल में मुझे कई तरह के जंगली जानवर भी देखने को मिले। चिड़ियाघर में मुझे दरियाई घोड़ा भी देखने को मिले जो मैं अक्सर सिंदबाद जहाजी की कहानियों में सुना करता था मेरे होठों पर मुस्कान आ चुकी थी मैं यह दृश्य देखकर बहुत ही खुश था। आगे मुझे और भी जानवर देखने को मिले मैंने घोड़ा, हाथी, भालू देखें भालू को मैं अक्सर सिर्फ काले रंग में देखता था लेकिन चिड़ियाघर में मैंने एक सफेद कलर का भालू भी देखा वहां पर गाय भी मिली सभी तरह के जानवर वहां पर मुझे देखने को मिले।

मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं किसी जंगल में आ गया हु मैं अपने माता-पिता के साथ आगे बढ़ता गया एक दम से ही मुझे एक भयानक आवाज आई जिससे एक पल के लिए तो मैं कांप गया वो आवाज़ थी बब्बर शेर की जिसको मैं अक्सर कार्टूनों में देखा करता था उसकी आवाज सुनकर मैं कुछ पल के लिए घबरा गया लेकिन जब मैंने उसको देखा तो डर तो नहीं लगा क्योंकि मेरे माता-पिता मेरे साथ थे उस बब्बर शेर को हम देख रहे थे कुछ लोग उसको ऊपर से चिढ़ा रहे थे और वह एक लोहे की बड़ी-बड़ी जालियों में बंद था वहां पर जंगल जैसा वातावरण बनाया हुआ था उसमें वह आराम कर रहा था इसके बाद हमने आगे और भी जानवर देखें हमने देखा कि एक नदी भी है जिसमें कई तरह की मछलियां हैं वहां पर हमें मगरमच्छ भी देखने को मिले जो कि बहुत बड़े-बड़े थे हमने बदक को भी पानी में तैरते हुए देखा तो मुझे बहुत ही खुशी का अनुभव हुआ। उस चिड़ियाघर में मैंने देखा कि हमारे आसपास पाए जाने वाले तो लगभग सभी जानवर उसमें उपस्थित थे साथ मे विदेशी जानवर भी उसमें थे जो हमारे भारत में नहीं पाए जाते थे। मैंने जब उन्हें देखा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं यहीं पर रह जाऊं लगभग दो-तीन घंटे उस चिड़ियाघर में मुझे हो चुके थे और पापा मुझसे चलने का बोल रहे थे तो हम चिड़िया घर से वापस चले गए। वापस जाते समय मैंने पापा से कहा पापा मुझे आप कभी कभार यहां पर घुमाने लाया करो तो पापा मुस्कुराने लगे और हम लोग दिल्ली से ट्रेन पकड़कर वापस अपने शहर आ गए।

चिड़ियाघर पर कविता poem on zoo in hindi

आओ चलो चलें
हम तो चिड़ियाघर घूमने चलें
भालू को देखने हम चलें
खुशी खुशी झूमने हम चले

रंग बिरंगी मछलियां तैरती हैं
खुशियों में वह झूमती हैं
शेर की आवाज गरजती है
दूर-दूर तक बरसती है

देख देख कर बच्चे झूमते हैं
थोड़ा डरते और हंसते हैं
आओ चलो चलें
हम तो चिड़ियाघर घूमने चलें

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