जालंधर महादेव की कहानी Jalandhar mahadev story in hindi

Jalandhar mahadev story in hindi

दोस्तों आज हम आपको भगवान शिव और जालंधर की पौराणिक कथा बताने वाले हैं जालंधर का जन्म भगवान शिव के द्वारा समुद्र में अपना तेज फेंकने के कारण हुआ था और यह जालंधर भगवान शिव का शत्रु बन गया था.जालंधर ने सबसे पहले इंद्रदेव को परास्त कर दिया यहां तक कि जालंधर की शक्ति की वजह से यमराज भी कांपते थे वह बहुत ही शक्तिशाली था जालंधर की पत्नी वृंदा पतिव्रता नारी थी जिसकी वजह से कोई भी जालंधर को परास्त नहीं कर पाता था.जालंधर ने अपनी पत्नी के पतिव्रत की धर्म की अवहेलना की और तीनो लोक पर आक्रमण करने की योजना बनाने लगा.

Jalandhar mahadev story in hindi
Jalandhar mahadev story in hindi

सबसे पहले उसने भगवान विष्णु के बैकुंठ धाम पर आक्रमण कर दिया और भगवान विष्णु को अपने पराक्रम से पराजित कर दिया उसने माता लक्ष्मी को अपनी पत्नी बनाने का सोचा लेकिन माता लक्ष्मी ने यह कह दिया कि मेरी और तुम्हारी उत्पत्ति जल से हुई है इसलिए हम दोनों भाई बहन हैं यह सुनकर जालंधर वहां से ऐसे ही चला आया.अब वह भगवान शिव के धाम पर आक्रमण करना चाहता था वह अपने राक्षस साथियो को लेकर भगवान शिव के पास जा पहुंचा और मां पार्वती को अपनी पत्नी बनाने के उद्देश्य से उसने सबसे पहले भगवान शिव से घोर युद्ध किया लेकिन भगवान शिव शंकर द्वारा किए जाने वाले प्रयास विफल हो रहे थे क्योंकि जालंधर की पत्नी पतिव्रता थी उसके गुणों की वजह से जालंधर सुरक्षित था तब सभी देवताओं के साथ मिलकर भगवान विष्णु ने एक योजना बनाई जिसके तहत भगवान विष्णु जालंधर की पत्नी के पास जालंधर का रूट रख कर चले गए और उसके पति व्रत धर्म को खंडित कर दिया पतिव्रत धर्म खंडित होने की वजह से जालंधर की पत्नी वृंदा ने आत्मदाह कर लिया और इधर अपना पति धर्म खंडित होने की वजह से जालंधर को भगवान शिव ने मार डाला इस तरह से भयंकर विनाशकारी जालंधर की मृत्यु हुई और सभी देवतागण भगवान शिव जी और विष्णु जी की जय जयकर करने लगे.

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