विकलांगता पर निबंध disability essay in hindi

विकलांगता पर निबंध disability essay in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा निबंध विकलांगता पर निबंध आप सभी के लिए बहुत ही हेल्पफुल है हमारे आज के निबंध में हम जानेंगे विकलांगता के बारे में.विकलांगता जिसे लोग अभिशाप कहते हैं इस विकलांगता से बहुत सारे लोग जूझ रहे हैं हमारे आज का निबंध वास्तव में विकलांगों की मदद करेगा साथ में विकलांगता के बारे में पूरी जानकारी देगा चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस निबंध को

विकलांगता पर निबंध
विकलांगता पर निबंध

प्रस्तावना-

विकलांगता वह है जिसमें किसी व्यक्ति के हाथ पैर आदि का अलग हो जाना या आंखों से ना दिखना,कानों से सुनाई न देना आदि आते है या किसी व्यक्ति के किसी अंग का सही तरह से काम न करना. विकलांग व्यक्ति को वास्तव में इस समाज में बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है वास्तव में विकलांग व्यक्ति को अपने आप में भी अच्छा महसूस नहीं होता वह समाज के लोगों द्वारा अपमानित किया जाता है विकलांग व्यक्ति चल फिर नहीं पाता जिस वजह से कोई भी कार्य वह सही तरह से नहीं कर पाता. कुछ विकलांग जिनके हाथ नहीं होते है किसी भी वस्तु को उठाने के लिए सक्षम नहीं होते,कुछ विकलांग जिनको दिखाई नहीं देता,पढ़ने में या किसी भी कार्य को करने में परेशानी महसूस करते हैं और कुछ विकलांग जिनको सुनाई नहीं देता उनको भी बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. समाज के लोगों द्वारा उनका कई तरह से मजाक उड़ाया जाता है जिस वजह से विकलांग को अपने आप पर ही शर्म महसूस होने लगती है.

विकलांगता के कारण-

वास्तव में विकलांगता के कई कारण हो सकते हैं आज हम देखें तो हमारे इस देश में बहुत सारे यातायात के साधन है बस, ट्रेन,मोटरसाइकल कार आदि ज्यादातर हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए इन्हीं साधनों का उपयोग करते हैं लेकिन कभी-कभी हमारी गलती या दूसरे की गलती की वजह से हमें बहुत सी परेशानियों का सामना जीवन भर करना पड़ सकता है.कई लोगों का एक्सीडेंट होने की वजह से वह विकलांग हो जाते हैं किसी के हाथ पैर टूट जाते हैं या अलग हो जाते हैं,किसी को और भी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं जिस वजह से विकलांग लोग हमारे देश में बढ़ते ही जा रहे हैं.कुछ लोगों को विकलांगता शुरू से ही होती है वह जन्मजात होती है उनके कुछ अंग निष्क्रिय होते हैं या किसी काम के नहीं होते जिस वजह से वह विकलांग कहलाते हैं. कई लोग इस वजह से भी विकलांग होते हैं क्योंकि उनको कई तरह की जानकारी नहीं होती आज हम देखें तो पोलियो,खसरा,चेचक आदि जैसी विकृतियां हमारे समाज में तेजी से फैली हुई है जिस वजह से इन रोगों से पहले ही बचने के लिए बचपन में ही टीके लगाए जाते हैं लेकिन अगर कोई बच्चा इन टीको को लगाए बगैर रह जाता है तो वह विकलांग हो जाता है यह गलती उसके मां-बाप की होती है या पास के आंगनवाड़ी केंद्र की हो सकती है उनकी जिम्मेदारी भी होती है की वह समय-समय पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें.टीका ना लगने की वजह से हमारे समाज में बहुत सारे बच्चे विकलांग होते हैं कहीं विकलांग जो दिमागी रूप से विकलांग होते हैं वह शारीरिक रूप से तो हष्ट पुष्ट दिखते हैं लेकिन दिमागी रूप से विकलांग होते हैं वो भी विकलांग की श्रेणी में आते हैं उनकी विकलांगता उनके परिवारजनों के द्वारा उनका सही तरह से ख्याल ना रखने या उन्हें सही पोस्टिक आहार ना देने एवं जन्मजात भी हो सकती है.

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विकलांगता से बचने के उपाय-

वास्तव में विकलांगता से बचने के उपाय बहुत से है बहुत से लोग ऐसे हैं जो सावधानी पूर्वक वाहनों को नहीं चलाते हैं लोगों को चाहिए कि वह समझे कि हमारा शरीर ही सबसे बड़ा कीमती धन है हमें उसकी रक्षा करते हुए सही तरह से वाहनों को चलाना चाहिए जिससे हम किसी भी तरह की दुर्घटना से बच सकें और विकलांगता के अभिशाप से बच सकें.हर किसी मां-बाप को समझना चाहिए कि पोलियो,चेचक जैसी विकृति हमारे बच्चों को विकलांग बना देते हैं उनका पूरा जीवन बर्बाद कर देते हैं उन्हें ध्यानपूर्वक समय-समय पर टीके लगवाने चाहिए और पोलियो की दवाई समय समय पर पिलवाना चाहिए जिससे हम अपने बच्चों को स्वस्थ रख सकते हैं.हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों को अच्छे माहौल में रखे, अच्छे-अच्छे लोगों के बीच में संपर्क बनाने को कहें जिससे वह मानसिक रूप से विकलांग ना हो और स्वस्थ रहें.हमें चाहिए की हम कई तरह के अंधविश्वास को दूर करके विज्ञान को समझें कई सारी बीमारियां होती हैं जिनको लोग देवी-देवता का अभिशाप समझकर या माता आने का कहकर उनका सही तरह से उपचार नहीं लेते और विकलांगता जैसी समस्या से अपने और अपने परिवार को मुसीबत में डालते हैं उन्हें वैज्ञानिक रूप से उपचार करवाना चाहिए और भी कई सारे उपाय हो सकते हैं जिनसे हम विकलांगता से अपने और अपने परिवार को,हमारे समाज को बदल सकते हैं और विकलांगता से बचा सकते हैं.

विकलांग व्यक्ति के साथ व्यवहार viklangta ek abhishap nahi in hindi –

जो व्यक्ति विकलांग हैं हमें उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए आज के बदलते जमाने में लोगों की सोच भी बदल रही है कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो विकलांगों का मजाक उड़ाते हैं वह उनका उपहास करते हैं अगर कोई व्यक्ति अंधा,बहरा, गूंगा है तो बच्चे और नौजवान भी उसका मजाक उड़ाते हैं हमें ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और विकलांग व्यक्ति के साथ अच्छी तरह से पेश आना चाहिए जो व्यक्ति विकलांग है जिनके हाथ नहीं है उनके परिवार वालों को चाहिए कि उनका सही तरह से ख्याल रखें उन्हें बिल्कुल भी ना समझें उन्हें उनके लायक करने का सुझाव आप दे सकते हैं जैसे कि पेंटिंग करना और भी कई तरह के काम जिसको करने में उसे परेशानी ना हो.बस उन्हें अभ्यास करने की जरूरत होती है हम सभी को चाहिए कि हम ऐसे अपाहिज या विकलांग व्यक्तियों के साथ में अच्छा व्यवहार करें वह व्यक्ति चाहे हमारा परिवार का हो या समाज का कोई भी व्यक्ति हो उसके साथ प्रेम पूर्वक नॉर्मल व्यक्तियों की तरह व्यवहार करना चाहिए जिससे विकलांग व्यक्ति को अच्छा महसूस हो.
इस तरह से हम विकलांगता को कुछ हद तक खत्म कर सकते हैं और विकलांग लोगों की तरह तरह से मदद कर सकते हैं.

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