कन्या भ्रूण हत्या पर सुंदर कविता Kanya bhrun hatya poem in hindi

Kanya bhrun hatya kavita in hindi

Female foeticide poem in hindi-दोस्तों आज कल इस दुनिया में अक्सर देखा जाता है की कुछ लोग लड़की को अपने ऊपर बोझ समझते हैं कुछ लोग तो उसे पैदा होने से पहले ही मार डालना चाहते हैं.कुछ लोगों की मानसिकता खराब हो चुकी है किसी को भी कन्या को बोझ नहीं समझना चाहिए और Kanya bhrun hatya जैसे अपराध नहीं करना चाहिए.

Kanya bhrun hatya poem in hindi
Kanya bhrun hatya poem in hindi

यह कानून की नजर में तो अपराध है ही इंसानियत के नजर में भी यह गलत है.हमें समझना चाहिए कि लड़की मां बहन और बेटी होती है वह किसी की बहू भी होती है.भ्रूण हत्या करने से हमारे देश का भविष्य अंधकारमय होता है इसलिए आज की हमने Kanya bhrun hatya poem in hindi लिखी है आप इसे पढ़िए और गलत मानसिकता वाले लोगों को समझाने का प्रयत्न कीजिए तो चलिए पढ़ते है आज की हमारी इस कविता को.

मुझे भी इस दुनिया में आने दो,मुझे भी ख़ुशी के दो पल जीने दो.
मेरे बगेर ये दुनिया चलेगी कैसे,मुझे भी इस दुनिया में जी लेने दो.
में तरसती हू माँ पापा कहने को,दो पल प्यार के जीने को.
क्यों करते तुम मुझसे इतनी नफरत,मुझे भी इस जिन्दगी को जीने दो.

मत करो अपने हाथ गंदे,अपनी गलत सोच को निकाल फेको.
मेरे बगेर ये दुनिया चलेगी कैसे,ये विचारकर ख़ुशी खशी जी लेने दो.
में भी करुँगी तुम्हारा नाम रोशन,ना बनूंगी कभी बोझ मुझे जी लेने दो.
ना करो कभी भ्रूण हत्या.ना कभी किसी को करने दो.

बहुये सब चाहते है लेकिन फिर भी कन्या भ्रूण की हत्या करते है.
बेटी ही नहीं तो बहु कैसे आएगी ये सोचकर मुझे जिन्दगी जीने दो.
मुझे भी इस दुनिया में आने दो,मुझे भी ख़ुशी के दो पल जीने दो.

लेखक- कमलेश कुशवाह

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