एक सिक्यूरिटी गार्ड कैसे बने आईएमसी के चेयरमेन Santosh sen imc success story in hindi

Santosh sen imc success story in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों कहते हैं कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती वाकई में ये बात साबित होती है हमारी आज की इस कहानी से.दोस्तों दुनिया के हर एक इंसान में कुछ कमियां होती हैं तो उसमें कुछ खूबियां भी जरूर होती हैं उसकी खूबियां उस इंसान को दुनिया में कुछ खास,कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करती हैं और दुनिया में इंसान धीरे-धीरे एक सफल इंसान बन जाता है आज हम आपको जिस इंसान के बारे में बताने वाले हैं उसको मैं खुद जानता हूं मैं उनसे मिला भी हूं उनके जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है वह एक ऐसे महान इंसान हैं जिन्होंने अपने जीवन में अपनी मेहनत और लगन से एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है तो चलिए पढ़ते हैं इस महान इंसान के जीवन के बारे में पूरी जानकारी

Santosh sen imc success story in hindi
Santosh sen imc success story in hindi

संतोष सेन जी आईएमसी के चेयरमैन लेवल को प्राप्त कर चुके हैं और वो इस बिज़नेस से महीने की लाखों रुपए इनकम कमा रहे हैं उन्होंने अपने जीवन में काफी मुसीबतों का सामना किया है और यहां तक पहुंचे हैं
संतोष सेन जी का जन्म 22 जुलाई 1985 को मध्य प्रदेश के ग्राम गावरी,तहसील राधौगढ़ जिला गुना में हुआ था इनके पिता का नाम श्री निरंजन सिंह एवं माता का नाम राजबाई है इनके पिता ने इनकी पढ़ाई के लिए अपने नजदीकी स्कूल में इनका दाखिला करवाया लेकिन इन्होंने पढ़ाई पर कोई भी विशेष ध्यान नहीं दिया और नवी क्लास में फेल हो गए इसी के साथ में परिस्थिति भी कुछ ऐसी थी कि ये आगे पढ़ाई नहीं कर सके इसके बाद इन्होंने कुछ समय तक स्कूल में चपरासी का काम भी किया इन्हें महीने में ₹300 सैलरी मिलती थी इस बीच इन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा इसके कुछ समय बाद ही सकर फैक्ट्री में इन्होंने गार्ड की नौकरी की जिसमें रात 10:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक ये काम करते.रात में ड्यूटी करने के कारण ये नींद भी नहीं ले पाते थे इनकी मेहनत के अनुसार इनकी कोई अच्छी इनकम नहीं थी ये जबरदस्ती अपना जीवन यापन किए जा रहे थे.

कुछ समय बाद ही इनके परिवार वालों ने इनकी शादी रजनी से कर दी जिनसे इन्हें 2 बच्चे हुए जिनमें से एक का नाम महक है और दूसरे का नाम ललित है इसी बीच इनकी माता जी को श्वास और दमा की बीमारी ने घेर लिया और इनके बड़े भाई को शुगर की बीमारी हो गई जिस वजह से इनको आर्थिक परेशानी का सामना भी करना पड़ा लेकिन कहते हैं कि जीवन में भगवान एक इंसान को एक मौका जरूर देता है अगर हमने वो पहचान लिया और सच्ची लगन और ईमानदारी से उस पर काम करना शुरू किया तो हमारी जिंदगी बदल सकती है ऐसा ही इनके साथ हुआ.एक बार जब ये सकर फैक्ट्री में काम कर रहे थे तभी इनके पुराने मित्र मनोज धाकड़ इनसे मिलने आए और उन्होंने नेटवर्क मार्केटिंग की एक जबरदस्त कंपनी इंटरनेशनल मार्केटिंग कॉरपोरेशन(imc) के जबरदस्त प्रोडक्ट और बिजनेस प्लान के बारे में जानकारी दी इन्हें ये बिजनेस प्लान बेहद पसंद आया.
मनोज धाकड़ जी इन्हें आई एम सी की श्री तुलसी दे गए जब उन्होंने और उनके परिवार ने श्री तुलसी का उपयोग किया तो तुलसी के फायदे देखकर वह इसके प्रति बहुत ही आकर्षित हुए इसके बाद उन्होंने अपने परिवार की बीमारी को दूर करने के लिए इनसे कुछ product लिए.जब संतोष सेन जी ने इनके फायदों के बारे में समझा और अपने परिवार को बीमारी से मुक्त किया तो इनका विश्वास और भी बढ़ गया और इन्होंने आईएमसी बिजनेस शुरू किया.

Related post-वेदप्रकाश ओझा जी की सफलता की कहानी success stories of indian businessman in hindi

ये अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर गांव गांव आई एम सी के प्रोडक्ट को बेचने जाते और लोगों को इसके लाभों के बारे में जानकारी देते.धीरे धीरे इनके प्रोडक्ट की मांग बढ़ने लगी और इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी लेकिन ये सिर्फ प्रोडक्ट बेचने पर ध्यान दे रहे थे तभी इनके सीनियर ने इनसे एक मुलाकात की और प्रोडक्ट बेचने के साथ में इनको बिजनेस करने को कहा और इन्हें यूनिटी की पावर को समझाया.अब इन्होंने अपने साथ अपने बहुत से दोस्तों को आई एम सी में एडमिशन करवाया और धीरे-धीरे इनका बिज़नेस उन्नति करने लगा लेकिन कहते हैं जब आप सफलता की ओर अग्रसर होते हैं तब ईश्वर आपकी परीक्षा जरूर लेता है ऐसा ही इनके साथ हुआ इनके करीबी दोस्त जो कि इनके सीनियर थे इनका साथ छोड़ चुके थे वो किसी दूसरी कंपनी में काम करने लगे इस वजह से संतोष सैन जी को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन कहते हैं की जो शेर होते हैं वह किसी भी काम को पूरा करने से अकेले नहीं डरते.

ऐसा ही संतोष सेन जी ने किया इन्होंने लगातार आईएमसी बिजनेस किया अपना बिजनेस दूसरे लोगों में शेयर किया धीरे-धीरे बिजनेस में ग्रोथ करने लगी और 21 महीने में ये आईएमसी के चेयरमैन लेवल पर पहुंच गए इसी बीच इन्होने विदेशों की यात्रा की वह होगकांग,सिंगापुर,मकाउ आदि देशो में घूमने गये,अगले साल 2018 में वो थाईलैंड जाने वाले हैं साथ में कुछ समय बाद वह अपनी खुद की पर्सनल कार लेने वाले हैं आज उनकी महीने की इनकम 100000 रुपये के आस पास होती है.आईएमसी में इनकी पहली इनकम ₹920 हुई थी लेकिन धीरे-धीरे ये अपनी मेहनत के दम पर महीने के लाखों रुपए कमाने लगे.अब संतोष सैन जी राघोगढ़ में रहते हैं साथ में इन्होंने इसी के साथ में 12वीं पास भी कर लिया है लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि उन्होंने हासिल की है नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस में.दोस्तों जैसे की हम सभी जानते हैं कि नेटवर्क मार्केटिंग में धीरे धीरे हम लाखों करोड़ों रुपए महीने तक भी पहुंच सकते हैं क्योंकि इसमें एक इंसान अकेले काम नहीं करता वह बहुत सारे लोगों के साथ मिलकर काम करता है.हम आशा करते हैं कि संतोष सैन सर आगे भी आईएमसी में बहुत बड़ी सफलता अर्जित करें.

इस कविता के साथ हम अपने शव्दों को विराम देते है

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है

चढ़कर गिरना गिरकर चढ़ना न अखरता है

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल Santosh sen imc success story in hindi पसंद आए तो इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंटस के जरिये बताये की आपको हमारा ये आर्टिकल कैसा लगा.अगर आप चाहें हमारे अगले आर्टिकल को सीधे अपने ईमेल पर पाना तो हमें सब्सक्राइब जरूर करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *