लहसुन की खेती कैसे करें Lahsun ki kheti kaise kare

Lahsun ki kheti kaise kare

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों मैं आपको लहसुन की खेती के बारे में बताता हूं तो जानिए किसान भाइयों कि Lahsun ki kheti kaise kare लहसुन की खेती सभी प्रकार की  भूमि मैं कर सकते हैं लहसुन के खेत को समतल करने के बाद क्यारियां और सिंचाई की नालियां बना ले जिससे लहसन की पैदाबार अच्छी तरह से होती है और अधिक से अधिक कंद पैदा होने की संभावना भी होती है इसका प्रयोग आम तौर पर  मसाले के रूप में किया जाता है.लहसुन अधिक स्वादिष्ट गुणों वाली सब्जी है

Lahsun ki kheti kaise kare
Lahsun ki kheti kaise kare

यह  रोगों के लिए भी अधिक लाभदायक है जैसे पेट का रोग ,आंखों की जलन ,दर्द ,सर्दी जुखाम ,गले की खराश इन सब में लहसुन का उपयोग किया जाता है ।लहसन की खेती के लिए ना गर्मी का मौसम होना चाहिए और ना ठंड का मौसम होना चाहिए अक्टूबर का महीना लहसुन की खेती के लिए सही माना जाता है।
लहसुन की खेती की तैयारी के समय 20-25 टन प्रति हेक्टेयर गोबर खाद खेत में मिला देना चाहिए खेत मे  मिलाने से लहसुन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है जिससे लहसन की पैदा अच्छी होती है मिट्टी में 20 किलोग्राम नाइट्रोजन और 20 किलोग्राम पोटाश मिला दे.बीज बोने के समय उसकी गहराई 5 सेंटीमीटर रखे ।और क्यारियों में पौधे से पौधे की दूरी 6-7 सेंटीमीटर रखें.इसको बोने का समय अक्टूबर से नवंबर तक का होता है अगर भूमि का तापमान अधिक होने से लहसुन की कलियों में सडने की संभावना पैदा हो जाती है तो लहसन की निंदाई और सिंचाई करने के लिए लहसुन के बाद उसमें कम सिंचाई करनी चाहिए जिससे लहसुन की कलियां मिट्टी को चिपका लेती है फिर एक बार सिचाई  जब करनी चाहिए तब पत्तियां निकलने लगे उसके बाद जब लहसुन की पत्तियां पकने पर आ जाए तब सिंचाई कर देनी चाहिए। लहसुन की कलियां सूखने लगे तो सिंचाई बंद कर दें क्योंकि ज्यादा पानी होने के कारण लहसन की पैदा हुए कंद अधिक समय तक संग्रहण नहीं किए जा सकते।कचरे को नष्ट करने के लिए ज्यादा गहराई तक निंदाई ना करें इस फसल की  निंदाई करना कठिन है क्योंकि लहसुन का पौधा थोड़ा  हिलने से ही बह सूख जाएगा.

इसमें रासायनिक खाद का उपयोग पेडिमिैंथालिन एक किलोग्राम सक्रिय तत्व 3.3 लीटर स्टोम्प का पानी घोल बनाकर छिडकबा दे।निंदाई फिर  से 20-25 दिन बाद करें.पके हुए

लहसन की पहचान-

जब लहसन की पत्तियां पीली पड़ने लगे तो उसके कंद पक गए हैं.कुछ कंद को जमीन से निकाल कर छाये में 2-3 दिन तक रखें अगर वह नीला पड़ जाए तो समझे की लहसन अभी नहीं पका उसे 2 या 3 दिन तक और भूमि में खड़ा रखें जिससे लहसुन पक जाए और फिर उसे जमीन से बाहर निकालें.लहसुन को खोदने के समय भूमि की नमी थोड़ी मात्रा में रहनी चाहिए जिससे कंद को निकालने में ज्यादा कठिनाई नहीं पड़ेगी.भूमि से निकालने के बाद थोड़ा बिखेर दे जिससे उसकी मिट्टी निकलने लगेगी फिर उसके छोटे-छोटे बंडल बनाकर रख दें अगर आप  त्रिपाल पर डालते है तो बार-बार पलटते रहें जिससे वह अच्छा रखा रहेगा अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो उसमें काले धब्बे पड़ जाएंगे और नहीं तो आप लहसन के बड़े-बड़े गुच्छे  बनाकर टांग दे जिससे उसमें हवा भी लगती रहेगी और खराब भी ना हो.दोस्तों लहसन से हमें बहुत फायदा होता है वह बहुत महंगा बिचता है और हम उससे बहुत पैसा कमा सकते हैं इसलिए लहसन की खेती करें।

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