पर्यावरण संरक्षण के उपाय पर निबंध Paryavaran sanrakshan essay in hindi

पर्यावरण संरक्षण के उपाय पर निबंध Paryavaran sanrakshan essay in hindi

hamara paryavaran essay in hindi-दोस्तों कैसे हैं आप सभी,आज की हमारी पोस्ट है Paryavaran sanrakshan essay in hindi जोकि बहुत ही बेहतरीन आर्टिकल है,दोस्तों जैसे की हम सभी जानते हैं कि आज हम जिस जीवन में हैं और हमारा जीवन जिसके भीतर है वह है हमारा पर्यावरण.वास्तव में पर्यावरण हम सभी के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर पर्यावरण न होता तो हमारा अस्तित्व भी ना होता इसलिए Paryavaran sanrakshan जरूरी हैं.हमारे पर्यावरण में बहुत सारे जीव जंतु हैं बहुत सारी चीजें हैं जो कि पर्यावरण का ही एक हिस्सा है जैसे की जलवायु प्रकाश अग्नि पशु पक्षी सभी पर्यावरण में ही आते है और पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जहां पर मनुष्य का जीवन पूरी तरह से संभव है.
Paryavaran sanrakshan essay in hindi
Paryavaran sanrakshan essay in hindi

हमारा कर्तव्य है हम जहां पर रह रहे हैं वहां स्वच्छता से रहें,हमारे पर्यावरण को हम हमेशा स्वच्छ रखें गंदगी ना फैलाएं,दोस्तों सोचीये हम जिस घर में रहते हैं अगर वहां पर हम गंदगी फैलाएंगे,सफाई नहीं करेंगे तो फिर क्या होगा,जाहिर सी बात है बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि आप जिस जगह में रहो घर को साफ-सुथरा करके रहो जिससे गंदगी नहीं होगी और बीमारियों से हम बच सकें लेकिन क्या हम जानते हैं कि जिस पर्यावरण रूपी घर में हम सभी रहते हैं उस घर की अगर हम साफ-सफाई ना करें तो हमारा क्या होगा,दोस्तों सोचने वाली बात है कि हम जिस छोटे से घर में रहते हैं उस घर से तो हम बाहर निकल सकते हैं और स्वच्छता के वातावरण में आ सकते हैं लेकिन अगर हमने पर्यावरण रूपी वातावरण को गंदा किया तो उससे बाहर आना नामुमकिन है क्योंकि उस से बहार आकर हम जाएंगे कहां,दोस्तों यही बात हम सभी को समझने की जरूरत है,आज हमारे पर्यावरण में बहुत सारी चीजें हैं जैसे कि जल.

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आज हम जल को प्रदूषित कर रहे हैं बहुत सारी नदियां हैं जहां पर लोग बस्त्र धोते हैं नहाते हैं और बहुत सारे केमिकल युक्त पदार्थ उस नदी में प्रभावित करते हैं जिससे हमारे पर्यावरण में उपस्थित पानी प्रदूषित हो रहा है जिससे हम पानी पीते हैं तो बहुत सारी बीमारियां हमको होती हैं,अगर हमको स्वस्थ रखना है तो उस जल को स्वस्थ रखना होगा तभी हम स्वस्थ हो पाएंगे,आज हम देखें पर्यावरण में वायु प्रदूषण भी हो रहा है वायु जो कि हमें श्वास लेने के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है,लोग उसको दिनादिन ऐसे प्रदूषित किए जा रहे हैं जैसे वह स्वच्छ हो सकती हो,दोस्तों आज हम देखें तो लोग तरह-तरह के वहान चलाते हैं,उनसे धुआं निकलता है बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों से हानिकारक धुँआ निकलता है जिससे हमारा वायु प्रदूषित हो रहा है और हमारा पर्यावरण दिना दिन अस्वस्थ यानी प्रदूषित होता जा रहा है,अगर इसको ना रोका गया तो हमारे लिए मुसीबत खड़ी हो सकती हैं दोस्तों यह हमारे लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी चीजें हैं और इन प्रदूषण को नहीं रोका गया तो हमारा वायु प्रदूषित हो जाएगा और हमारा पयार्वरण प्रदूषित होगा जिससे हमारे चारों ओर बहुत सारी बड़ी बड़ी प्रॉब्लम्स आज आएंगी.

परेशानियां एक बीमारी का रूप रखकर आएंगी जिन से लड़ना बहुत ही मुश्किल होगा,दोस्तों इस लिए अगर हमें खुश रहना है तो हमें अपने पर्यावरण का ध्यान रखना होगा उस को स्वस्थ बनाए रखना होगा तभी हम खुश रह सकते हैं,दोस्तों इसके अलावा हमारे पर्यावरण का एक और सबसे महत्वपूर्ण भाग है भूमि अगर हम को इस पृथ्वी पर रहना है तो हमें पृथ्वी माता को भी स्वस्थ रखना होगा,आज हम हमारे थोड़े से फायदे के लिए पृथ्वी माता को कष्ट पहुंचा रहे हैं उस धरती में हम तरह तरह के केमिकल युक्त हानिकारक पदार्थ छोड़ रहे हैं जो हमारे लिए शुरूआत में तो फायदेमंद दिखते हैं लेकिन उससे कहीं ना कहीं हमारी धरती मां बंजर होती जा रही है इस से आने वाले समय में हमें और भी बहुत सारी परेशानियां आ सकती हैं,दोस्तों अगर हम को खुश रहना है तो हमें हमारे पर्यावरण को स्वस्थ रखना होगा,हमारे पर्यावरण में जो भी है उसका ख्याल रखना होगा उसे प्रदूषित होने से बचाना होगा तभी हम हमारे देश को एक प्रगतिशील देश बना सकते हैं एक महान देश बना सकते हैं और तभी हमारे इस देश में जीवन संभव हो सकता है.

दोस्तों इसके अलावा हमारे पर्यावरण में सबसे महत्वपूर्ण चीजें जो है वह है पेड़ पौधे.आज हम देख रहे हैं की समय के साथ विकास हो रहा है इस विकास के साथ हम हमारे चारों ओर उपस्थित पेड़ पौधों को हानि पहुंचा रहे हैं पेड़ पौधे इस धरती पर दिना दिन कम होते जा रहे हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या कम हो गई है,जिसके कारण हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान होगा क्योंकि पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करके हमारे लिए ऑक्सीजन देते हैं जो हमारे लिए जीवन है,अगर पेड़ पौधे धीरे-धीरे कम होने लगे तो हमारे लिए जीवन मुश्किल होगा,हमें इस पर्यावरण को बचाने के लिए हमें अपने आप को बचाने के लिए पेड़ पौधे लगाने होंगे,हमें पेड़ पौधों का ख्याल रखना होगा,वृक्षारोपण करना होगा तभी हम हमारे पर्यावरण को स्वस्थ रख सकते हैं और तभी हमारा पर्यावरण हमारे लिए हमारे जीवन के लिए अच्छा साबित होगा वरना हम सोच सकते हैं जिसके साथ हम बुरा करेंगे वह भी हमारे साथ बुरा करने लगता है,पर्यावरण और इस पर्यावरण में उपस्थित पर्यावरण के रूप से हम खिलवाड़ करेंगे तो जाहिर सी बात है यह हमारे साथ खिलवाड़ करने लगेंगे,हम अपने क्षणिक लाभ के लिए इनको दिना-दिन कम करते जा रहे हैं,हम कम समय का फायदा देखते हैं.

दोस्तों हमको पर्यावरण का ख्याल रखना होगा और इस दुनिया में मनुष्य का अस्तित्व रखने के लिए हमें पर्यावरण को हो रहा नुकसान के बारे में विशेष रुप से सोचकर उस और पहल करने की जरूरत है तभी इंसान का अस्तित्व धरती पर रह सकता है,दोस्तों इसके अलावा पर्यावरण में जीव जंतु भी है जीव-जंतु भी नस्त होते जा रहे है क्योंकि पर्यावरण में बहुत सारे परिवर्तन आ रहे हैं दोस्तों ये सभी पर्यावरण के अंग है और हमारे लिए बहुत जरूरी है आज एक बहुत बड़े विज्ञानिक ने ये तक कह दिया है कि आने वाले 1000 सालों में ये पृथ्वी पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी दोस्तों आखिर इसका कारण क्या है इसका सबसे बड़ा कारण अगर कुछ है तो वह यही है कि हमारा पर्यावरण दिनादिन नष्ट हो रहा है और इसे कोई नष्ट करने वाला बहार का नहीं बल्कि इस में रहने वाले हम ही हैं,हम अपने स्वार्थ के लिए जल प्रदूषित वायु प्रदूषण भूमि प्रदूषण और बहुत सारे प्रदूषण इस पर्यावरण में फैला रहे हैं जिसके कारण आने वाले समय में हमारे इस पर्यावरण में इतनी क्षमता नहीं बचेगी जिससे इंसान का जीवन इसके अंदर संभव हो सके,दोस्तों अगर आपको वाकई में अपना जीवन प्यारा है अगर आप वाकई में इस धरती में रहना चाहते हैं तो आपको पर्यावरण के विषय में विशेष रुप से सोचने की जरूरत है क्योंकि पर्यावरण हमारा घर है और इस खबर को जो खत्म करता है वह इस घर में ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाता है, विज्ञानिक ने ये भी कहा है की आने वाले 1000 साल बाद अगर इंसान को अपना अस्तित्व बचाना है तो उसको धरती के अलावा और किसी ग्रह पर जाकर बसना होगा.

दोस्तों सबसे बड़ी बात तो यह है कि दुनिया में एक धरती ही ऐसा ग्रह है जिसमें इंसान का पूरी तरह से अस्तित्व हो सकता है,अब सोचने वाली बात यह है कि हम कैसे दूसरे ग्रह में सही से अपना जीवन व्यापन कर सकते हैं,दोस्तों अगर हम सभी इस बारे में मिलकर विचार करें तो हम अपनी धरती माता को,अपने पर्यावरण को,अपने जीवन को बचा सकते हैं हम अपने परिवार वालों को आस पड़ोस वालों को और हर उस इंसान को बचा सकते हैं जो इस पर्यावरण के अंतर्गत आता है,दोस्तों अगर आप हमारी पोस्ट पढ़ रहे हैं तो कृपया कर इस विषय में सोचना शुरु कर दीजिए क्योंकि अगर पर्यावरण हैं तो आप हैं और अगर पर्यावरण नहीं तो आप नहीं है  इसलिए ज्यादा से ज्यादा उन चीजों का उपयोग करें जिनसे पर्यावरण को नुकसान ना हो.

आज लोग मोटर बाइक यानी धुँआ फेंकने वाले वहान का दिनादीन बहुत ही तेजी से उपयोग कर रहे हैं लोगों को सोचने की जरूरत है,लोगों को बहुत ही जरूरत पड़ने पर इन चीजों का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इससे वायु प्रदूषित होता है,लोगों को जल को व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए क्योंकि जल ही जीवन है लोगों को हमारे पेड़ पौधों का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि पेड़ पौधे हमें ऑक्सीजन देते हैं,अगर हर इंसान ने  इसके बारे में सोचा तो हो सकता है हमारे इस पर्यावरण को कोई बचा सके और अगर आप इस बारे में नहीं सोचते तो पर्यावरण तो दिनादीन नष्ट हो रहा है और आगे चलकर इसमें इंसान का इसमें रहना मुश्किल हो जाएगा.

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दोस्तों अगर आप हमारी पोस्ट पढ़ Paryavaran sanrakshan essay in hindi रहे हैं तो कृपया कर अपने चारों ओर उपस्थित पर्यावरण को स्वस्थ रखें,उसको हानि ना पहुंचाएं क्योंकि पर्यावरण हैं तो हम सब है,पर्यावरण के बगैर हमारा अस्तित्व कुछ भी नहीं है इसलिए पर्यावरण का ख्याल रखें और उसको नष्ट न होने दें और प्रदूषित न करें,यही हमारी इस पोस्ट Paryavaran sanrakshan essay in hindi को लिखने का मकसद है,अगर आपको हमारी पोस्ट Paryavaran sanrakshan essay in hindi पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पर लाइक करना ना भूलें और अगर आप चाहें तो हमारी अगली पोस्ट सीधे अपनी ईमेल पर पाने के लिए हमे सब्सक्राइब करें.

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