सफल होना है तो पेंसिल की तरह बनो “कामयाबी की राह”

दोस्तों आज का हमारा ये आर्टिकल बेहद खास है इस आर्टिकल को अगर आपने गहराई से पढ़ लिया तो वाकई में आप जिंदगी में बहुत ऊंचाई पर पहुंच जाओगे जिंदगी में आप इतनी सफलता अर्जित करोगे कि आपने कभी सोचा भी नहीं होगा

दोस्तों अगर जिंदगी में हमें कुछ बनना है तोह पेंसिल की तरह बनो क्योंकि पेंसिल में वह गुण होते हैं जो एक इंसान के अंदर होना जरूरी है दोस्तों जब आप पेंसिल से लिखते हो,लिखने के बाद आप देखते हो कि पेंसिल की नोक छोटी हो जाती है आपको कतर से छीलना पड़ता है.

अगर आप उस पेंसिल को छीलोगे तो पेंसिल को थोड़ा दर्द होगा लेकिन वह फिर से बहुत तेजी से अच्छे से लिखने में सहायक होगी,जिंदगी में भी ऐसा ही है जिंदगी में हर इंसान के साथ दुख है हर इंसान को कभी न कभी जिंदगी में हार का सामना जरूर करना पड़ता है लेकिन जो इंसान हार का सामना नहीं करता वह जीवन में पीछे रह जाता है लेकिन जो इंसान पेंसिल की तरह अपनी हार को अपनी अपमान और अपने दुखों को छीलकर बाहर निकाल देता है और फिर से लिखना शुरू कर देता है यानी जिंदगी में फिर से मेहनत करना शुरू कर देता है वह इंसान जिंदगी में सफल हो जाता है.

दोस्तों जिंदगी में अगर हमको सफल होना है तो वाकई में पेंसिल की तरह बनने की जरूरत है जब हम पेंसिल से लिखते हैं तो कुछ गलतियां हो जाती हैं हम रवल का प्रयोग करके उन गलतियों को सुधारने की कोशिश करते हैं और सुधार भी लेते हैं इसी तरह जीवन में अगर हमसे कभी कुछ गलती हो तो उसको सुधारने की कोशिश करें ना कि उसको अनदेखा करें क्योंकि अगर आपने कुछ भी गलती लिखा या कुछ भी गलती किया जीवन में तो वह गलती आपके लिए बहुत बुरी साबित हो सकती है इसके अलावा ये भी है की जब भी पेंसिल से लिखते हैं तो आपने देखा होगा कि पेंसिल अपना निशान छोड़ देती है इसी तरह हमको जीवन में कुछ ऐसा करना चाहिए कि जीवन में हम एक निशान छोड़ जाए और हमको कुछ ऐसा करना चाहिए कि हम अपने परिवार वाले और अपने जान पहचान वाले और अपने मोहल्ले और हमारे देश का नाम ऊंचा कर सकें और अपने जीवन में निशान छोड़ जाए.

इसके अलावा भी हमने देखा है जो पेंसिल होती है उसमें दो भाग होते हैं अंदर गिरेफाईड होता है,साथ में बाहर की तरफ लकड़ी होती है लेकिन पेंसिल में मुख्य भूमिका अंदर ग्रेफाइट की होती है ग्रेफाइड लिखने में सहायक होता है इसी तरह इंसान के अंदर भी कुछ खास होता है इंसान अगर जिंदगी में आगे बढ़ता है तो सिर्फ और सिर्फ अपनी अंदरुनी खूबी के वजह से क्योंकि अगर वह अपनी अंदरुनी खूबी की वजह से जीवन में कुछ करता है तो वाकई मैं वह एक सफल इंसान बन जाता है इसलिए दोस्तों अगर हमको जिंदगी में सफल होना है तो एक पेंसिल की तरह बनिए जो अपनी किस्मत खुद लिखती है यानी दूसरों से साझा करके.दोस्तों हम को पेंसिल की तरह बनना है जिस तरह से पेंसिल से एक व्यक्ति हाथ में पकड़कर लिखता है उसी तरह से हमको भी अगर हमारी किस्मत बनानी है अगर हमारी जिंदगी बनानी है तो हमें कुछ सहयोगियों की आवश्यकता होगी उनके साथ में हम काम करेंगे और जीवन में सफलता अर्जित करेंगे.

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