वीरेंद्र सह्बाग की जीवनी “virender sehwag biography in hindi”

दोस्तों आज की हमारी ये पोस्ट virender sehwag biography in hindi एक ऐसे तूफानी क्रिकेटर की life history है,जिनकी records list काफी लम्बी है,जिन्होंने world में records बनाए है,जिन्होंने highest score बनाये है,और जिन्होंने centuries मारी है,ये दुनिया के एक तूफानी बल्लेबाज है,जिन्हें लोग cricket का power house भी कहते है,ये एक ऐसे इन्सान है जिन्होंने सावित कर दिया है की अगर जिन्दगी में success होने की एक जिद हो तोह हम अपनी जिन्दगी की story अपने हाथो से लिख सकते है.वीरेन्द्र सहवाग जब अपने हाथो में बेट लेते है तोह विरोधी टीम में सन्नाटा सा छा जाता है,इनकी गेंद जब बल्ले से छूटती है तोह ब्रहमास्त्र की तरह उसकी दिशा का पता लगाना मुशकिल होता है,ये जब अपने रोल में आते है तोह सिर्फ छक्के नहीं लगाते बल्कि इतने छक्के लगाते है की विरोधी टीम के छक्के पे छक्के उड़ जाते है.

virender sehwag biography in hindi

वीरेंद्र सहवाग का जन्म हरियाणा में २० अक्टूबर १९७८ में हुआ था,मुल्तान के सुल्तान,इनकी दो बड़ी बहने और एक छोटा भाई है,इनको cricket से प्यार ७ माह की उम्र से ही हो गया था,ये शुरू से ही कुछ जिद्दी किस्म के इन्सान है,एक बार ये अपने माँ बाप के साथ मार्किट गए तोह इन्हें एक खिलौना पसंद आया तोह वोह उस खिलोने को लेने की जिद करने लगे लेकिन घर वालो ने वोह खिलौना नहीं दिलाया लेकिन उन्हें जब तक वोह खिलौना नहीं दिलाया गया वोह रोते है रहे,आखिर में इनके ताऊ ने वोह खिलौना लाकर दिया.२००४ में आरती से शादी.

जब सह्बाग १२ साल के थे तोह cricket खेलते समय उनको चोट लगा गयी तोह उनके पापा ने cricket खेलने पर रोक लगा दी,लेकिन उनकी जिद के आगे उनके घर वालो ने हार मान ही ली.दोस्तों उनकी ये जिद आखिर उनको एक ऐसे शिखर पर पंहुचा गयी,जहा पर पहुचना किसी के लिए भी बहुत ही मुश्किल है,वीरेंद्र सह्बाग ने cricket में इतने रनों की बरसा की है जिसके कारण ये आज cricket के इतिहास में एक महान बल्लेबाज के रूप में जाने जाते है,उन्होंने अपने जीवन जो records बनाए,जो अवार्ड्स जीते उन्हें पाना किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल वाली बात होती है.

आइये जानते है की वीरेंद्र सह्बाग क्यों है ख़ास

वीरेंद्र सह्बाग एक ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने दो बार ट्रिपल sentuary बनायी,और मार्च २००४ में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ ३९ चोके ६ छक्के लगाकर ३०९ रन बनाए और मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर हो गए,इन्होने २००८ में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ४२ चोके और ५ छक्के और ३१९ रन बनाकर उसे बुरी तरह से हराया था,२००९ में श्रीलंका के खिलाफ २९३ रन बनाये,२००८ में श्रीलंका के खिलाफ २०१ रन बनाकर नोट आउट रहे,२००६ में पाकिस्तान के खिलाफ २५४ रन बनाये,२०११ में वेस्ट इंडीज के खिलाफ २१९ रनों की विशाल पारी खेली.

वीरेंद्र सह्बाग की बल्लेबाजी इतनी जोरदार थी की इससे प्रभावित होकर 2002 में उन्हें अर्जुन पुरुस्कार मिला और २००८ में विजडन क्रिकेटर in the world के सम्मान से इन्हें नबाजा गया,और इन्हें २०११ में भी एक अवार्ड दिया गया.

तोह दोस्तों इस तरह से एक सामान्य परिवार के एक व्यक्ति ने cricket के द्वारा एक ऐसा इतिहास रच दिया जो की काबिले तारीफ़ है,आज वीरेंद्र सह्बाग काफी लोगो के पसंदीदा बल्लेबाज है,इतना ही नहीं वोह विदेशो में भी अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते है.

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