दौड़ inspirational stories in hindi

एक बार एक बच्चा(One child) अपने पापा के साथ किसी पहाड़ की चोटी(mountain top) की ओर जा रहे था,तभी उसने अपने पापा से कहा की पापा चलो race लडाते है,देखते है की आज कोन जीतेगा,उसके पापा की सयमती से वोह दोनों तेज़ी से दोड़ने लगते है.अब बच्चे का पिता कुछ दूर दोड़ने(Running away) के बाद रुक जाता है,तब बच्चा कहता है की पापैर पा आप क्यों रुक गए तोह इस पर उसके पापा कहते है की मेरे जूते(my shoes) में कुछ कंकण घुस गए है,इसलिए पैर की उंगलिओ में दर्द कर(pain in toes) रहा है,तुम भी रुको अभी साथ में दोडेंगे तब वोह बच्चा कहता है की ,नहीं ऐसे तोह आप मुझसे आगे निकल जाओगे,तब वोह बच्चा आगे दोड़ने लगता है,इसके बाद उसके पापा उसके पीछे दोड़ने लगते है,उसके पापा अपने बच्चे से कहते है की तुम्हारे जूतों में भी कुछ कंकण पत्थर अन्दर घुसे है,तुम रूककर उन्हें जूते से बहार निकाल लो.

इस पर वोह बच्चा कहता है की पापा अगर मेने जूतों में से कंकण पत्थर निकालने में time लगाऊंगा तोह आप मुझसे आगे निकल जाओगे ओर में पीछे रह जाऊँगा,इतना कहकर वोह बच्चा तेज़ी से दोड़ने लगता ओर कुछ दूर दोड़ने पर उसके पेरो से खून निकलने(Bleeding from the leg) लगता और उसके पिता उसे घर ले जाकर उसके पैर पर पट्टी बांधनी(On foot bandage) पड़ती है,फिर उसके पिता अपने बच्चे से कहते है की तुम मुझसे आगे दोड़कर आगे निकलना चाहते थे,लेकिन एक छोटी से कंकण पत्थर को जूते में घुसने के वाबजूद तुम दोड़ते हो लेकिन गिर जाते()हो,वाकई में छोटी सी दिखने वाली चीज हमारे लक्ष्य() तक पहुचने में बहुत बड़ी बाध्य साभित() हो सकती है,इसलिए बेटे इस जिंदगी में()अगर तुम्हे अपने लक्ष्य को पाना है तोह छोटी problem को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए ओर उसे solve करके आगे बदना चाहिए क्योकि हो सकता है की ये छोटी सी problem एक बड़ी problem का रूप धारण करले ओर आपका लक्ष्य तक पहुचना मुश्किल हो.

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